LCC Projects Q1 Results: कंपनी की कमाई में गिरावट, नई सब्सिडियरी के साथ अब मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
LCC Projects Q1 Results: कंपनी की कमाई में गिरावट, नई सब्सिडियरी के साथ अब मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री

LCC Projects Ltd के तिमाही नतीजों में दबाव देखने को मिला है। Q1 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹8,025.90 मिलियन** रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स **₹657.61 मिलियन** पर आ गया है। इस बीच, कंपनी ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम रखने के लिए एक नई सब्सिडियरी के गठन का ऐलान किया है।

तिमाही नतीजों का विश्लेषण

हाल ही में लिस्ट हुई LCC Projects Ltd के लिए यह पहली तिमाही रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹9,455.16 मिलियन से गिरकर इस बार ₹8,025.90 मिलियन रहा। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹778.81 मिलियन से घटकर ₹657.61 मिलियन पर आ गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और EPC सेक्टर में जारी चुनौतियों के चलते कंपनी की रफ्तार पर असर पड़ा है।

नई राह और विविधीकरण (Strategic Diversification)

बाजार की सुस्ती के बीच कंपनी ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। बोर्ड ने 'LCC Hinglaj Industrial Solutions Private Limited' के गठन को मंजूरी दी है। यह नई कंपनी कंक्रीट मोल्ड मैन्युफैक्चरिंग और फैब्रिकेशन पर केंद्रित होगी। LCC Projects इसमें कम से कम 51% की हिस्सेदारी खरीदेगी, जो सीधे तौर पर वर्टिकल इंटीग्रेशन (Vertical Integration) की ओर इशारा करता है ताकि प्रोजेक्ट्स की लागत को नियंत्रित किया जा सके।

सेगमेंट और भविष्य की राह

कंपनी का मुख्य काम अभी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ही है, जिसने इस तिमाही में ₹7,995.19 मिलियन का रेवेन्यू जेनरेट किया। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि नई सब्सिडियरी कंपनी के मार्जिन में कब तक सुधार ला पाती है और EPC बिजनेस में कब तक रिकवरी देखने को मिलेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.