Kuwer Industries के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 काफी दमदार रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **0.46 करोड़ रुपये** से बढ़कर **2 करोड़ रुपये** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में भी भारी उछाल दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार आंकड़े पेश किए हैं। कुल इनकम पिछले साल के 58.06 करोड़ रुपये से बढ़कर 81.92 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। हालांकि कंपनी ने इस साल डिविडेंड न देने का फैसला लिया है, ताकि कैश को भविष्य के एक्सपेंशन प्लान में इस्तेमाल किया जा सके।
स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग (Strategic Restructuring)
कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। नोएडा स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को ग्रेटर नोएडा की फैसिलिटी में मर्ज कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान नोएडा की प्रॉपर्टी को 9 करोड़ रुपये में बेचा गया है, जिससे एसेट यूटिलाइजेशन और एडमिनिस्ट्रेटिव दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करने के संकेत दिए हैं, जो भविष्य में रेवेन्यू के नए रास्ते खोल सकता है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस
गवर्नेंस के मोर्चे पर, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अंजली गर्ग ने 2 सितंबर, 2025 से इस्तीफा दे दिया है। सेक्रेटेरियल ऑडिट के दौरान कुछ छोटी कंप्लायंस कमियां सामने आई थीं, जिन्हें सुधारने पर कंपनी काम कर रही है। स्टेट्यूटरी ऑडिटर के रूप में M/s PVSP & Co. अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर होनी चाहिए कि प्लांट कंसोलिडेशन के बाद कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में कितना सुधार आता है और नए मार्केट में विस्तार की क्या रणनीति रहती है।
