Kundan Minerals and Metals ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹952.38 करोड़** का शानदार रेवेन्यू और **₹26.89 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने बोर्ड में एक नए डायरेक्टर (Ms. Priya Khandelwal) की नियुक्ति का भी ऐलान किया है।
Kundan Minerals के Q1 नतीजे: रेवेन्यू और मुनाफे में दमदार उछाल
Kundan Minerals and Metals Limited ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड (समेकित) वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही काफी मजबूत रही। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (राजस्व) ₹952.38 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹151.14 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बढ़कर ₹26.89 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह सिर्फ ₹5.28 करोड़ था।
Standalone (अकेले) आधार पर देखें तो, कंपनी का रेवेन्यू ₹0.81 करोड़ रहा और ₹4.18 करोड़ का नेट लॉस (घाटा) दर्ज किया गया।
बोर्ड में नए सदस्य का आगमन
इन नतीजों के साथ ही, कंपनी ने यह भी बताया कि सुश्री प्रिया खंडेलवाल को 13 अगस्त, 2026 से पांच साल के लिए अतिरिक्त डायरेक्टर (Non-Executive Independent Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
क्यों यह खबर अहम है?
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह भारी उछाल कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और विस्तार की ओर इशारा करता है। यह निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का जुड़ना कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर कंपनी के फोकस को भी दर्शाता है।
हालांकि, कुछ अनिश्चितताएं भी बनी हुई हैं। कंपनी अभी भी स्टॉक एक्सचेंजों से अपने इक्विटी शेयरों की ट्रेडिंग अप्रूवल का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की तलाशी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सर्वे जैसे रेगुलेटरी मामले भी कंपनी के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं।
कंपनी की पिछली स्थिति
Kundan Minerals and Metals पहले कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर चुकी है। कंपनी ने अपने रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी मिलने के बाद लिस्टिंग हासिल की है, लेकिन अभी ट्रेडिंग अप्रूवल बाकी है। कंपनी फिलहाल अपनी दिवालियापन की कार्यवाही से सामान्य संचालन की ओर बढ़ रही है।
आगे क्या?
मजबूत वित्तीय नतीजे कंपनी के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करते हैं। सुश्री खंडेलवाल की नियुक्ति से बोर्ड की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है। निवेशक स्टॉक एक्सचेंज से ट्रेडिंग अप्रूवल मिलने का बेसब्री से इंतजार करेंगे, जिससे वे सामान्य रूप से बाजार में भाग ले सकेंगे। DRI और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
