Kundan Minerals ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 400% उछलकर **₹26.89 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, स्टैंडअलोन बेसिस पर कंपनी को **₹4.18 करोड़** का घाटा हुआ है।
कंसोलिडेटेड दमदार, स्टैंडअलोन में गिरावट
Kundan Minerals and Metals Ltd. ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में पिछले साल के ₹5.28 करोड़ की तुलना में इस साल ₹26.89 करोड़ का तगड़ा मुनाफा दर्ज किया है, जो कि 400% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी है।
लेकिन, वहीं दूसरी ओर, स्टैंडअलोन बेसिस पर कंपनी को ₹4.18 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में स्टैंडअलोन बेसिस पर ₹0.98 करोड़ का मुनाफा था।
कुल आय में भी बड़ी उछाल
कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम भी पिछले साल के ₹153.43 करोड़ से बढ़कर ₹958.64 करोड़ हो गई है। वहीं, स्टैंडअलोन टोटल इनकम ₹1.48 करोड़ से बढ़कर ₹2.13 करोड़ पर पहुंच गई है।
बोर्ड में नए सदस्य की नियुक्ति
इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने सुश्री प्रिया खंडेलवाल को 5 साल के लिए अतिरिक्त निदेशक (नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है, जिसे शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है। सुश्री खंडेलवाल एक कंपनी सेक्रेटरी हैं और उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है।
क्यों अहम है ये नतीजे?
कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन नतीजों के बीच का यह बड़ा अंतर सब्सिडियरी कंपनियों के प्रदर्शन को दिखाता है। जहां कंसोलिडेटेड नतीजे ग्रुप की कुल ग्रोथ को दर्शाते हैं, वहीं स्टैंडअलोन लॉस पेरेंट कंपनी की अंदरूनी चुनौतियों को उजागर करता है। निवेशक स्टैंडअलोन लॉस के कारणों और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट की स्थिरता पर बारीकी से नजर रखेंगे। स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति का मकसद कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करना है।
क्या हैं मुख्य रिस्क?
कंपनी के लिए मुख्य जोखिमों में स्टैंडअलोन लॉस, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और DRI की जारी जांचें, और शेयर ट्रेडिंग की मंजूरी मिलने में हो रही देरी शामिल हैं। इन रेगुलेटरी रिव्यूज के नतीजे कंपनी पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
