Kridhan Infra का FY26 रेवेन्यू **₹344.39 लाख** तक पहुंच गया है, लेकिन कंपनी पर 'गोइंग कंसर्न' (going-concern) को लेकर बड़ा संकट मंडरा रहा है। ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर सवाल उठाते हुए 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है।
रेवेन्यू में उछाल, लेकिन वित्तीय सेहत कमजोर
Kridhan Infra के FY26 नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹257.67 लाख से बढ़कर ₹344.39 लाख हो गया है। कंपनी ने ₹220.53 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन इन आंकड़ों के बावजूद कंपनी की फंडामेंटल स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ऑडिटर का 'रेड फ्लैग'
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, M/s. Jignesh Savla & Associates ने रिपोर्ट में 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। ऑडिटर का मानना है कि कंपनी के संचित नुकसान और नेगेटिव नेटवर्थ के कारण, इसके 'गोइंग कंसर्न' के तौर पर टिके रहने पर संदेह है। सरल भाषा में कहें तो ऑडिटर को यकीन नहीं है कि कंपनी बिना किसी बड़ी वित्तीय समस्या के अपना काम जारी रख पाएगी।
मैनेजमेंट की नई चाल
इस संकट से निपटने के लिए, कंपनी आगामी 29 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में शेयरहोल्डर्स से दो बड़े प्रस्तावों के लिए मंजूरी मांगेगी:
- उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹100 करोड़ करना।
- निवेश और लोन की सीमा को ₹200 करोड़ तक ले जाना।
मैनेजमेंट का मानना है कि इससे ऑपरेशनल रिकवरी में मदद मिलेगी, लेकिन निवेशकों को कंपनी के कर्ज आधारित विस्तार (debt-funded expansion) और मौजूदा नेगेटिव नेटवर्थ को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
लीडरशिप में बदलाव
कंपनी ने बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसमें Badatala Sreenivasa Rao को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और Krishnaprasad Sunder Rao को होल-टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। वहीं, Mithlesh Jaiswal अब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO की जिम्मेदारी संभालेंगे। साथ ही, अगले 5 साल के लिए M/s U B Lakhani & Company को नया ऑडिटर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
