Kridhan Infra में बड़े फेरबदल: नए डायरेक्टर्स की एंट्री, मैनेजिंग डायरेक्टर का इस्तीफा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Kridhan Infra में बड़े फेरबदल: नए डायरेक्टर्स की एंट्री, मैनेजिंग डायरेक्टर का इस्तीफा

Kridhan Infra Limited ने अपने मैनेजमेंट में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी ने तीन नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति की है, जबकि मैनेजिंग डायरेक्टर, गौतम सूरी ने इस्तीफा दे दिया है। ये बदलाव 21 जुलाई, 2026 से प्रभावी होंगे।

Detailed Coverage

Kridhan Infra बोर्ड ने लीडरशिप में बड़े बदलावों को मंजूरी दी

Kridhan Infra Limited ने 21 जुलाई, 2026 से प्रभावी होने वाले अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और मैनेजमेंट टीम में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। कंपनी ने श्री बदाताला श्रीनिवास राव को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक (Additional Non-Executive Independent Director), श्री कृष्णप्रसाद सुंदर राव को अतिरिक्त पूर्णकालिक निदेशक (Additional Whole Time Director), और श्री मिथिलेश जायसवाल को अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक (Additional Executive Director) के पद पर नियुक्त किया है। श्री जायसवाल कंपनी के CFO का पद भी संभालते रहेंगे। सभी नए निदेशकों की नियुक्ति पांच साल के लिए की गई है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।

इसी के साथ, श्री गौतम सूरी ने चिकित्सा कारणों का हवाला देते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 21 जुलाई, 2026 के कारोबारी समय की समाप्ति से प्रभावी होगा। सुश्री एकता राठौड़ को कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

इन बदलावों का क्या है मतलब?

ये फेरबदल कंपनी की रणनीतिक दिशा और परिचालन स्थिरता के लिए बेहद अहम हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर का पद छोड़ना, खासकर स्वास्थ्य कारणों से, नेतृत्व की निरंतरता को प्रभावित कर सकता है। वहीं, नए निदेशकों की एंट्री, जिसमें CFO का कार्यकारी निदेशक के रूप में शामिल होना भी शामिल है, बोर्ड की निगरानी को मजबूत करने और कंपनी की भविष्य की रणनीति को नया रूप देने का संकेत देता है। निवेशक इस नई टीम को कंपनी के कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार को आगे बढ़ाने में कैसे सफल होते हैं, इस पर बारीकी से नजर रखेंगे।

आगे क्या?

नए निदेशकों के आने और मैनेजिंग डायरेक्टर के इस्तीफे के बाद कंपनी का नेतृत्व ढांचा मौलिक रूप से बदल गया है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि नई टीम कैसे मिलकर काम करती है, अपनी रणनीति को लागू करती है, और कंपनी के संचालन में निरंतरता सुनिश्चित करती है। CFO की बढ़ी हुई भूमिका कार्यकारी नेतृत्व के भीतर वित्तीय निगरानी पर निरंतर जोर देने का संकेत देती है।

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