Knack Packaging ने Q2 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **52.5%** का भारी उछाल दर्ज किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **21.2%** बढ़कर **₹25.02 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्जिन पर दबाव जरूर दिखा है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू की छलांग
Knack Packaging के लिए दूसरी तिमाही काफी व्यस्त रही है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 52.5% बढ़कर ₹294.76 करोड़ हो गया है। कंपनी का प्रोडक्शन वॉल्यूम 13-14% बढ़कर 11,252 मीट्रिक टन रहा, जबकि प्लांट यूटिलाइजेशन 90-91% के शानदार स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹150 करोड़ सालाना मूल्य का एक बड़ा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट भी रिन्यू किया है।
मार्जिन पर कच्चे माल की मार
रेवेन्यू में बढ़त के बावजूद कंपनी के EBITDA मार्जिन 19.25% से गिरकर 16.35% पर आ गए हैं। इसके पीछे मुख्य वजह पॉलीप्रोपाइलीन (Polypropylene) जैसी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में 50% से ज्यादा का उछाल है। कॉन्ट्रैक्ट्स में प्राइसिंग एडजस्टमेंट के लिए 1-2 तिमाही का समय लगता है, जिसकी वजह से कंपनी को पुरानी दरों पर माल बेचना पड़ा और इनपुट कॉस्ट का पूरा बोझ झेलना पड़ा।
मैक्सिको वेंचर और भविष्य की चुनौतियां
कंपनी के लिए मैक्सिको जॉइंट वेंचर, 'Sayem Knack', फिलहाल घाटे में है। इस तिमाही में कंपनी को ₹2.62 करोड़ का नुकसान हुआ, जिससे छमाही (H1) का कुल घाटा ₹6.06 करोड़ तक पहुंच गया है। मैनेजमेंट का मुख्य फोकस अब इस प्लांट को ब्रेक-ईवन (Breakeven) स्तर पर लाने का है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब Q3 और Q4 के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, जहां प्राइसिंग स्ट्रैटेजी बदलने से मार्जिन में रिकवरी की उम्मीद है। क्रूड ऑयल और पॉलिमर की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही, अक्टूबर 2027 तक 72,000 MT की वार्षिक प्रोडक्शन क्षमता हासिल करने का लक्ष्य कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए एक बड़ा इंडिकेटर होगा।
