Kisan Mouldings Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹7.38 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। पिछले साल कंपनी ने मुनाफा कमाया था। इसके साथ ही, कंपनी अपनी होल्डिंग कंपनी Apollo Pipes के साथ ₹305.24 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transactions) के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांग रही है।
Kisan Mouldings के नतीजे
Kisan Mouldings Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹7.38 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) बताया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के ₹3.47 करोड़ के मुनाफे और उससे पहले FY 2023-24 के ₹58.23 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले एक बड़ी गिरावट है।
FY26 में कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹250.07 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹273.35 करोड़ से 8.51% कम है।
₹305 करोड़ के बड़े सौदे
इन नतीजों के साथ, कंपनी अपने शेयरधारकों से ₹305.24 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (Related Party Transactions) को मंजूरी देने का प्रस्ताव रख रही है। ये सभी सौदे कंपनी की होल्डिंग कंपनी Apollo Pipes Limited के साथ होने हैं, जिसकी Kisan Mouldings में 61.94% हिस्सेदारी है।
क्या हो रहा है?
कंपनी का शुद्ध घाटा (Net Loss) बढ़ना और रेवेन्यू में कमी आना, Kisan Mouldings के लिए वित्तीय चुनौतियों का संकेत देता है। निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि मैनेजमेंट कमजोर मांग, बढ़ती कच्चे माल की लागत और बाजार में लिक्विडिटी (Liquidity) की समस्या जैसी दिक्कतों से कैसे निपटेगा।
इसके अलावा, होल्डिंग कंपनी के साथ प्रस्तावित बड़े लेन-देन कंपनी की स्वतंत्र कार्यप्रणाली और पूंजी आवंटन पर सवाल खड़े करते हैं। 17 जुलाई, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी काफी अहम होगी।
नए MD और ऑडिटर की नियुक्ति
श्री अरुण अग्रवाल को 1 जून, 2026 से तीन साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) नियुक्त किया गया है। हालांकि, उन्हें Kisan Mouldings से कोई रेमुनरेशन (Remuneration) नहीं मिलेगा, बल्कि उनका वेतन Apollo Pipes द्वारा दिया जाएगा।
M/s. AKGVG & Associates को कैजुअल वैकेंसी (Casual Vacancy) भरने के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त किया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों को AGM के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, खासकर रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पर। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन, ऑपरेशनल सुधार के लिए मैनेजमेंट की रणनीति और मांग व कच्चे माल की लागत पर आगे के अपडेट्स महत्वपूर्ण होंगे।
