Kirloskar Pneumatic ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **₹40 करोड़** रहा है। पिछले साल की समान अवधि में यह मुनाफा **₹43.5 करोड़** था।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी के रेवेन्यू में इस बार गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹386.4 करोड़ से घटकर इस तिमाही में ₹326.3 करोड़ रह गया है। हालांकि, मुनाफे को सहारा मिला है महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से मिली ₹11 करोड़ की एकमुश्त राशि से, जो नासिक में जमीन अधिग्रहण के बदले कंपनी को प्राप्त हुई है।
नई स्ट्रैटेजी और अधिग्रहण
नतीजों के अलावा कंपनी का फोकस विस्तार पर है। Kirloskar Pneumatic ने SCIPL में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 100% कर ली है, जिसके लिए कंपनी ने ₹12.55 करोड़ खर्च किए हैं। साथ ही, Kirloskar South East Asia Co Ltd में 99.49% हिस्सेदारी हासिल की है, जिसके लिए ₹4.94 करोड़ का निवेश किया गया है। इन कदमों का मकसद आने वाले समय में अपने ऑपरेशन्स को ग्लोबल स्तर पर मजबूत करना है।
शेयर कैपिटल और अन्य अपडेट्स
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए KPCL Employee Stock Option Scheme 2019 के तहत 9,700 नए शेयर जारी किए हैं। इसके बाद अब कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल बढ़कर 12,99,69,580 शेयर हो गई है, जिसका फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय रेवेन्यू में आई कमी है, जो बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा कर सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन नई सब्सिडियरी कंपनियों से आने वाली तिमाहियों में कंपनी को कितना फायदा मिलता है और इनका कंपनी के ऑर्डर बुक पर क्या असर पड़ता है।
