Kirloskar Industries ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 63% का जोरदार इजाफा हुआ है। अब यह **₹503 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू भी बढ़कर **₹6,939 करोड़** हो गया है। ये आंकड़े मर्जर के बाद के हैं।
Kirloskar Industries के मुनाफे में 63% की जोरदार तेजी
Kirloskar Industries Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹308.22 करोड़ से बढ़कर ₹503.18 करोड़ हो गया है, जो कि 63% की शानदार बढ़ोतरी है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी 5% का इजाफा देखा गया है, जो ₹6,608.06 करोड़ से बढ़कर ₹6,938.74 करोड़ तक पहुंच गया है।
मर्जर का दिखा असर
कंपनी के इस बेहतरीन प्रदर्शन का मुख्य कारण Oliver Engineering Private Limited और Adicca Energy Solutions Private Limited का Kirloskar Ferrous Industries Limited (KFIL) में मर्जर है। इस मर्जर का एप्वाइंटेड डेट 1 अप्रैल, 2025 था, और नतीजों में इसे शामिल करने के लिए पिछले साल के आंकड़ों को भी एडजस्ट (Restated) किया गया है। NCLT मुंबई ने 2 जून, 2026 को इस मर्जर को मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह वित्तीय तस्वीर सामने आई है।
टैक्स और नई लेबर कोड्स का प्रभाव
मर्जर के बाद, कंपनी ने 1 अप्रैल, 2025 तक ₹141.28 करोड़ का डेफर्ड टैक्स एसेट (Deferred Tax Asset) भी पहचाना है। साथ ही, पिछले लॉसेस का इस्तेमाल करने से ₹110.38 करोड़ का करंट टैक्स एक्सपेंस रिवर्स हुआ है।
हालांकि, कंपनी ने नई लेबर कोड्स और उनके नियमों को लेकर अनिश्चितता जताई है, जो भविष्य में अतिरिक्त नियामक खर्चों का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा, विंड पावर जेनरेशन में मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते ऑपरेशनल नतीजों में भी बदलाव आ सकता है।
ऑडिटर की राय
कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर Kirtane & Pandit LLP ने नतीजों पर 'अनमोडिफाइड ओपिनियन' (Unmodified Opinion) दिया है, यानी नतीजों की सटीकता की पुष्टि की है। उन्होंने विशेष रूप से मर्जर डिटेल्स और रीस्टेटेड फाइनेंशियल पर ध्यान आकर्षित किया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी की नई लेबर कोड रेगुलेशन से निपटने की क्षमता और विंड पावर की सीजनैलिटी के प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए।
