Kiri Industries: कानूनी जीत से खजाना भरा, अब **₹8,100 करोड़** के नए कारोबार की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Kiri Industries: कानूनी जीत से खजाना भरा, अब **₹8,100 करोड़** के नए कारोबार की तैयारी

Kiri Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹5,566.94 करोड़** का दमदार प्रॉफिट दर्ज किया है। 11 साल पुराने DyStar लीगल विवाद के निपटारे के बाद कंपनी अब केमिकल बिजनेस से हटकर गुजरात में कॉपर और फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट्स पर बड़ा दांव लगा रही है।

मुनाफे का गणित और असल तस्वीर

कंपनी की एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, ₹5,566.94 करोड़ का नेट प्रॉफिट मुख्य रूप से DyStar कानूनी विवाद के सफल निपटारे के कारण आया है। हालांकि, इसे एक 'वन-ऑफ' गेन माना जा रहा है, क्योंकि कोर केमिकल बिजनेस अभी भी दबाव में है और कंपनी ने ₹44.79 करोड़ का कंसोलिडेटेड EBITDA लॉस दर्ज किया है।

बड़ा बदलाव: भारी उद्योग में एंट्री

केमिकल के पुराने बिजनेस मॉडल को पीछे छोड़ते हुए कंपनी अब हैवी इंडस्ट्रीज की ओर रुख कर रही है। गुजरात के अमरेली में ₹8,100 करोड़ का एक इंटीग्रेटेड कॉपर स्मेल्टर और फर्टिलाइजर प्लांट लगाया जा रहा है। इसे FY 2027-28 तक चरणों में शुरू करने की योजना है।

फंड जुटाने की तैयारी और रिस्क

कंपनी अपने विस्तार को गति देने के लिए प्रमोटरों को ₹475 प्रति शेयर के भाव पर 60 लाख से ज्यादा वारंट जारी कर ₹289 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। साथ ही, कंपनी की कर्ज लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'एक्जीक्यूशन रिस्क' है। केमिकल सेक्टर से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में यह बदलाव कितना सफल होता है, यह आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स की रफ्तार पर निर्भर करेगा। अब सभी की निगाहें 29 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहाँ इन बड़े फैसलों पर शेयरधारकों की मुहर लगेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.