Kinetic Engineering ने अपने इश्यू साइज़ को ₹177.10 करोड़ से घटाकर ₹166.84 करोड़ कर दिया है। कंपनी ने Q1FY27 तक ₹101.60 करोड़ का इस्तेमाल कर लिया है, जिसका बड़ा हिस्सा सब्सिडियरी, डेट रिडेम्पशन और वर्किंग कैपिटल में लगाया गया है।
Kinetic Engineering का बदला कैपिटल एलोकेशन
कंपनी ने अपने ओरिजिनल इश्यू साइज़ को घटाकर ₹166.84 करोड़ कर दिया है, जो पहले ₹177.10 करोड़ था। 30 जून 2026 तक, कंपनी ने उठाए गए फंड में से ₹101.60 करोड़ का इस्तेमाल किया है। इसमें से ₹52.00 करोड़ सब्सिडियरी Kinetic Watts and Volts में निवेश किए गए हैं। इसके अलावा, ₹19.64 करोड़ प्रेफरेंस शेयर रिडेम्पशन के लिए और ₹11.09 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवंटित किए गए हैं।
क्यों हुआ यह बदलाव?
यह एडजस्टमेंट प्रेफरेंशियल इश्यू के अंडरसब्सक्रिप्शन (कम आवेदन) के जवाब में किया गया है। बोर्ड द्वारा मंजूर किए गए नए कैपिटल प्लान में सोलर कैपेक्स (Capex) को घटाकर ₹7.00 करोड़ कर दिया गया है, जबकि वर्किंग कैपिटल का आवंटन बढ़ाकर ₹13.54 करोड़ कर दिया गया है। यह मैनेजमेंट कंपनी की जरूरत के हिसाब से फंड का सही इस्तेमाल करने पर जोर दे रहा है।
पुरानी योजनाएं और नई दिशा
पहले 13 मई 2025 और 11 मार्च 2026 के बोर्ड प्रस्तावों ने कंपनी के कैपिटल रीएलोकेशन को दिशा दी थी। इन बदलावों से कंपनी फाइनेंसियल प्लानिंग में अपना डायनामिक एप्रोच दिखा रही है।
आगे क्या?
कम किए गए इश्यू साइज़ और फंड के लगातार इस्तेमाल के साथ, Kinetic Engineering अपनी सब्सिडियरी में निवेश और पर्याप्त वर्किंग कैपिटल सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दे रही है। कंपनी अपने बचे हुए ₹14.05 करोड़ को फिक्स्ड डिपॉजिट में रख रही है, जिस पर 6.00% ब्याज मिल रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम
मॉनिटरिंग एजेंसी ने यह भी नोट किया है कि प्रेफरेंशियल इश्यू में अंडरसब्सक्रिप्शन की वजह से प्रोजेक्ट के उद्देश्यों की व्यवहार्यता (viability) पर असर पड़ सकता है। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है जिस पर नजर रखने की जरूरत है।
भविष्य के लिए
निवेशकों को फंड के उपयोग की प्रगति, सब्सिडियरी Kinetic Watts and Volts के प्रदर्शन और मॉनिटरिंग एजेंसी द्वारा उठाई गई प्रोजेक्ट व्यवहार्यता संबंधी चिंताओं पर किसी भी और अपडेट पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
