Kilburn Office Automation ने NCLT की निगरानी में अपनी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। कंपनी की बागडोर अब Candid Resources Limited के हाथों में है और बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है।
रीस्ट्रक्चरिंग और नए बदलाव
कंपनी ने अपने कैपिटल बेस को 67.5 लाख शेयरों से घटाकर 5.33 लाख शेयर कर दिया है, जिसके तहत पुराने प्रमोटरों की हिस्सेदारी खत्म हो गई है। NCLT कोलकाता की मंजूरी के बाद Candid Resources Limited ने इसे पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है।
फाइनेंशियल स्थिति पर एक नजर
फिलहाल कंपनी का कामकाज ठप है और रेवेन्यू शून्य है। कंपनी का नेट लॉस FY25 में ₹19.39 लाख रहा, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY24) में यह ₹89.41 लाख था।
नई राह की चुनौतियां
कंपनी के नए बोर्ड में Mr. Gaurav Kasat को होल-टाइम डायरेक्टर और CFO के रूप में नियुक्त किया गया है। कंपनी का मुख्य फोकस अब इंटरनल कंट्रोल को दुरुस्त करने और बिजनेस रिवाइवल की रणनीति बनाने पर है। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि कंपनी अभी भी शून्य रेवेन्यू की स्थिति में है और भविष्य के बिजनेस मॉडल को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। अगले बड़े अपडेट्स के लिए एनुअल रिपोर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।
