Kilburn Engineering ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, और ये निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **38%** घटकर **₹13.09 करोड़** रह गया है। रेवेन्यू में भी पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है।
Q1 FY27 में कंपनी का प्रदर्शन
Kilburn Engineering ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स (Unaudited Financial Results) का ऐलान किया है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹21.31 करोड़ से 38% गिरकर ₹13.09 करोड़ पर आ गया।
रेवेन्यू पर भी गिरी गाज
सिर्फ प्रॉफिट ही नहीं, बल्कि कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) पर भी असर पड़ा है। पहली तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹116.99 करोड़ रहा, जो कि FY26 की पहली तिमाही के ₹129.25 करोड़ की तुलना में 9.5% कम है।
पिछले तिमाही से तुलना
अगर 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई पिछली तिमाही की बात करें, तो उस समय कंपनी का रेवेन्यू ₹189.18 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹24.86 करोड़ था। इस लिहाज से भी मौजूदा तिमाही के नतीजे कमजोर नजर आ रहे हैं।
मैनेजमेंट में हुए अहम बदलाव
कंपनी ने अपने सीनियर मैनेजमेंट में भी कुछ अहम नियुक्तियां की हैं। 14 अगस्त, 2026 से मिस्टर नितिन वरडकर को परचेज हेड (Purchase Head) और मिस्टर दिनेश निखाम को प्रोजेक्ट हेड (Project Head) के तौर पर नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से कंपनी अपनी सप्लाई चेन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्षमताओं को मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस गिरावट के ट्रेंड को कैसे रोकती है। 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 38वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मैनेजमेंट की ओर से भविष्य की योजनाओं को लेकर क्या संकेत मिलते हैं, यह देखना अहम होगा।
