Kilburn Engineering: दमदार FY26 नतीजे, भविष्य में ज़ोरदार ग्रोथ की उम्मीद
Kilburn Engineering ने 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹629 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन 25.13% दर्ज किया गया। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹189 करोड़ रहा।
मजबूत ऑर्डर बुक और इंक्वायरी पाइपलाइन
कंपनी के पास ₹467 करोड़ का ग्रुप ऑर्डर बैकलॉग है, वहीं ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा की इंक्वायरी पाइपलाइन मौजूद है। यह भविष्य के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी दर्शाता है।
FY27 के लिए ग्रोथ का लक्ष्य
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए टॉप-लाइन में 20% से 25% की ज़बरदस्त ग्रोथ का अनुमान जताया है। कंपनी का लक्ष्य ₹800 करोड़ से ₹1,000 करोड़ के बीच ऑर्डर हासिल करना है।
लॉजिस्टिक्स चुनौतियों का असर
हालांकि, Q4 में सप्लाई चेन और मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स में दिक्कतें आईं, जिससे वर्किंग कैपिटल पर थोड़ा दबाव बढ़ा। इसके चलते कुछ ऑर्डर Q4 FY26 से Q1/Q2 FY27 में शिफ्ट हो गए।
क्या है आगे की राह?
वॉरंट कन्वर्जन पूरा हो चुका है, जिससे अब इक्विटी डाइल्यूशन की कोई उम्मीद नहीं है। कंपनी अपने ऑर्डर बैकलॉग को पूरा करने और FY27 के ग्रोथ टारगेट को हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन्वेस्टर्स को रिकेवेबल्स (receivables) की वसूली और Q4 FY26 से Q1/Q2 FY27 में शिफ्ट हुए ऑर्डर्स के एग्जीक्यूशन पर नज़र रखनी होगी।
ध्यान देने योग्य रिस्क
वर्किंग कैपिटल इंटेंसिटी में बढ़ोतरी एक अहम चिंता का विषय है, जो 169 दिनों से बढ़कर 184 दिन हो गई है। यह Q4 में भारी डिस्पैच के कारण हुआ। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक जोखिम भी मॉनिटर करने होंगे।
