Khaitan India FY26: रेवेन्यू में **45%** की दमदार ग्रोथ, लेकिन शुगर मिल के बही-खातों पर ऑडिटर्स ने उठाए सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Khaitan India FY26: रेवेन्यू में **45%** की दमदार ग्रोथ, लेकिन शुगर मिल के बही-खातों पर ऑडिटर्स ने उठाए सवाल

Khaitan (India) Ltd ने FY26 के अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **45%** उछलकर **₹112.23 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट गिरकर **₹6.06 करोड़** रहा। वहीं, ऑडिटर ने कंपनी के कामकाज के क्लासिफिकेशन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

Khaitan (India) Ltd के लिए FY26 मिला-जुला रहा है। कंपनी के इलेक्ट्रिकल गुड्स ट्रेडिंग डिवीजन के दम पर रेवेन्यू में 45% का उछाल देखा गया और यह ₹112.23 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, बढ़ती लागत (Input Costs) के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.98 करोड़ से घटकर ₹6.06 करोड़ पर आ गया है।

ऑडिटर्स की आपत्ति और गवर्नेंस रिस्क

कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इसके शुगर मिल डिवीजन को लेकर खड़ी हो गई है। वैधानिक ऑडिटर, K.C. Bhattacharjee & Paul LLP ने इस पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। ऑडिटर्स का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़ी शुगर मिल को 'Discontinued Operations' माना जाना चाहिए, जबकि मैनेजमेंट इसे 'Continuing Business' बताकर पेश कर रहा है। यह टकराव एसेट वैल्युएशन और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की स्पष्टता पर सवाल उठाता है।

मैनेजमेंट में बदलाव और भविष्य की रणनीति

कंपनी में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर के दौरान चार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने इस्तीफा दिया है। अब निवेशकों की नजर 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 89वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है। कंपनी ने कैश बचाने के लिए फिलहाल डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है, जिससे निवेशकों को थोड़ी निराशा हो सकती है। अब देखना होगा कि AGM में मैनेजमेंट शुगर मिल के रिवाइवल प्लान पर क्या जवाब देता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.