Karamtara Engineering ने एक लिस्टेड कंपनी के तौर पर अपने पहले तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **72%** बढ़कर **₹1,581 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **45%** की बढ़त के साथ **₹87 करोड़** दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
Karamtara Engineering ने Q1 FY27 में अपनी दमदार शुरुआत की है। कंपनी का EBITDA ₹174 करोड़ रहा और मार्जिन 11% के स्तर पर बना हुआ है। कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल घटकर महज 36 दिन रह गया है, जो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा अचीवमेंट माना जा रहा है।
बड़े प्रोजेक्ट्स और एक्सपेंशन
कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए 13 अलग-अलग फैसिलिटीज पर काम कर रही है। इसमें गुजरात के भचाऊ में रोलिंग मिल, बोइसर में सोलर-स्टैंप्ड पार्ट फैसिलिटी और सऊदी अरब में एक बड़ा मल्टी-प्रोडक्ट प्लांट शामिल है। सऊदी फैसिलिटी में ट्रायल प्रोडक्शन दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
रिस्क और चुनौतियां
शानदार आंकड़ों के बावजूद, मैनेजमेंट ने कुछ चुनौतियों की ओर इशारा किया है। बढ़ती ग्लोबल शिपिंग लागत मार्जिन पर दबाव डाल रही है। इसके अलावा, अमेरिका की 50% की 'Section 232' ड्यूटी और नए प्लांट्स में कैपेसिटी रैंप-अप का काम कंपनी के लिए आने वाले 12 से 18 महीनों तक फोकस का बड़ा मुद्दा रहेगा।
आगे का रास्ता
कंपनी ने FY27 के लिए 60% से 65% रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस दिया है। निवेशकों की नजर अब दूसरी छमाही (H2) के नतीजों पर होगी, क्योंकि कंपनी को उम्मीद है कि नए प्लांट्स से आने वाला रेवेन्यू साल के दूसरे हिस्से में ज्यादा प्रभावी होगा।
