India Ratings and Research ने Karamtara Engineering Ltd की लॉन्ग-टर्म बैंक लोन रेटिंग को बढ़ाकर 'IND AA-' कर दिया है। वित्त वर्ष **2026** में कंपनी का रेवेन्यू **₹43,120 मिलियन** पहुंच गया है और ऑर्डर बुक **₹60,000 मिलियन** के मजबूत स्तर पर है।
क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने Karamtara Engineering Ltd (KEL) की कुल ₹24,320 मिलियन की बैंक लोन सुविधाओं के लिए रेटिंग में सुधार किया है। लॉन्ग-टर्म रेटिंग को IND A+ से अपग्रेड कर IND AA- (स्टेबल) कर दिया गया है, जबकि शॉर्ट-टर्म रेटिंग को IND A1+ पर अपग्रेड किया गया है। यह बदलाव कंपनी की बेहतर फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और ऑपरेशंस की मजबूती को दर्शाता है।
रेवेन्यू और ऑर्डर बुक का दम
इस अपग्रेड के पीछे का सबसे बड़ा कारण कंपनी की सेल्स में आया उछाल है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹43,120 मिलियन हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹31,584 मिलियन था। ट्रांसमिशन लाइन टावर्स और सोलर स्ट्रक्चर्स की बढ़ती डिमांड ने कंपनी की ग्रोथ को रफ्तार दी है। साथ ही, ₹60,000 मिलियन की ऑर्डर बुक कंपनी को अगले 12 से 18 महीने तक काम की स्पष्ट विजिबिलिटी देती है। कंपनी का इंटरेस्ट कवरेज रेशियो भी 2.69x से सुधरकर 3.53x हो गया है, जो कर्ज चुकाने की बेहतर क्षमता को दिखाता है।
कहां है रिस्क?
रेटिंग अपग्रेड के बावजूद, एनालिस्ट्स ने कुछ चुनौतियों की ओर इशारा किया है। सऊदी अरब में भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के चलते प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी का रिस्क बना हुआ है। इसके अलावा, स्टील और जिंक की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। कंपनी फिलहाल डेट-लेड कैपिटल एक्सपेंडिचर के दौर से गुजर रही है, इसलिए वित्त वर्ष 2028 तक नेट लेवरेज को 3.5x से नीचे रखना कंपनी के लिए एक मुख्य पैमाना होगा।
आगे की राह
रेटिंग एजेंसी अब कंपनी के कैपेसिटी एक्सपेंशन और वर्किंग कैपिटल साइकिल पर कड़ी नजर रखेगी। अगर कंपनी के ऑपरेशंस या प्रोजेक्ट्स में कोई बड़ी देरी होती है, तो रेटिंग रिव्यू में नेगेटिव बदलाव भी संभव है।
