कंदगिरी स्पिनिंग मिल्स के नतीजे: ₹3.25 करोड़ का घाटा, ऑडिटर की चेतावनी
कंदगिरी स्पिनिंग मिल्स लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹3.25 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹1.82 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) के ₹1.96 करोड़ से 7.2% कम है। पिछले साल जहां ₹0.79 करोड़ का घाटा था, वहीं इस साल यह बढ़कर ₹3.25 करोड़ हो गया है।
निवेशकों के लिए खास: प्रमोटर्स के फंड सपोर्ट के बावजूद, लगातार घाटा और नेगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) चिंता का बड़ा कारण बने हुए हैं।
क्या हुआ?
कंदगिरी स्पिनिंग मिल्स ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें ₹3.25 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) और ₹1.82 करोड़ का रेवेन्यू सामने आया है। इसी के साथ, कंपनी ने अपनी एसोसिएट कंपनी SPMM हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी ₹2.29 करोड़ में बेची है।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी की वित्तीय सेहत निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। घाटा बढ़ना और ऑडिटर की तरफ से लगातार 7वीं बार 'गोइंग कंसर्न' यानी कंपनी के चलते रहने की क्षमता पर सवाल उठाना, बहुत गंभीर बात है।
पूरी कहानी
कंदगिरी स्पिनिंग मिल्स मुख्य रूप से यार्न ट्रेडिंग (Yarn Trading) के बिजनेस में है। कंपनी पिछले कई सालों से वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही है। इसके स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) लगातार कंपनी की चलती रहने की क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी का नेट वर्थ ₹-10.51 करोड़ पर पहुँच गया है, जो कि नेगेटिव (Negative) है।
अब क्या बदलेगा?
ये नतीजे कंपनी की मौजूदा मुश्किलों को और भी बढ़ाते हैं। एसोसिएट कंपनी की बिक्री से एकमुश्त पैसा जरूर आया है, लेकिन नेगेटिव नेट वर्थ और ऑडिटर की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। कंपनी के प्रमोटर्स ने आगे भी फंड देने का भरोसा दिलाया है ताकि कामकाज चलता रहे।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम तो यही है कि ऑडिटर के अनुसार, कंपनी का भविष्य अनिश्चित है। लगातार घाटा, नेगेटिव नेट वर्थ और शेयरहोल्डर वैल्यू में और कमी का खतरा बना हुआ है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को कंपनी के अगले वित्तीय खुलासे, प्रमोटर्स की तरफ से मिलने वाले फंड सपोर्ट और ऑडिटर द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए कंपनी द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
