Kaka Industries ने FY26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट सेल्स **33.1%** बढ़कर **₹263.23 करोड़** हो गया है, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **46%** की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
Kaka Industries Ltd की 7वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने FY26 में ₹263.23 करोड़ की नेट सेल्स हासिल की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹18.77 करोड़ पर पहुंच गया है, जो इसकी बढ़ती हुई ऑपरेशनल क्षमता को दर्शाता है। कंपनी का EBITDA भी बढ़कर ₹35.99 करोड़ रहा, जिससे EBITDA मार्जिन सुधरकर 13.67% हो गया है।
सोलर पावर का जादू
खेड़ा में 7.5 MW के कैप्टिव सोलर प्लांट के चालू होने से कंपनी की लागत में बड़ी कटौती की उम्मीद है। इससे कंपनी को हर महीने ₹35-40 लाख की सीधी बचत होगी, जो बिजली की बढ़ती कीमतों के बीच कंपनी के बॉटम लाइन को सुरक्षित रखेगा। इसके अलावा, WPC (Wood Plastic Composite) सेगमेंट में शिफ्ट होने से भी कंपनी को बेहतर मार्जिन मिल रहा है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस पर नजर
ऑपरेशनल मोर्चे पर सफलता के बावजूद, कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कुछ रेगुलेटरी देरी की बात मानी है। इसमें बोर्ड मीटिंग के नतीजों को देर से घोषित करना और SDD एंट्रीज में देरी शामिल है। हालांकि, मैनेजमेंट ने सफाई दी है कि इसे सुधारने के लिए अब ऑटोमेटेड ट्रैकिंग और सख्त इंटरनल प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं ताकि भविष्य में SEBI के नियमों का पूरी तरह पालन हो सके।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
शेयरधारकों को अब रेगुलेटरी अनुशासन पर ध्यान देना चाहिए। मैनेजमेंट ने भले ही इंटरनल कंट्रोल्स मजबूत करने का दावा किया हो, लेकिन SEBI (LODR) और (PIT) मानकों का समय पर पालन देखना जरूरी है। साथ ही, फॉर्म AOC-2 में दर्ज 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन' के वॉल्यूम पर भी नजर रखना फायदेमंद होगा।
अगले कुछ महीनों में, निवेशकों को यह देखना चाहिए कि Lasundra प्लांट की फुल कैपेसिटी यूटिलाइजेशन के बाद कंपनी के मार्जिन कितने सस्टेनेबल बने रहते हैं।
