Kajaria Ceramics Share Buyback: शेयरहोल्डर्स की हरी झंडी! ₹296.7 करोड़ की बायबैक को मिली मंजूरी

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Kajaria Ceramics Share Buyback: शेयरहोल्डर्स की हरी झंडी! ₹296.7 करोड़ की बायबैक को मिली मंजूरी

Kajaria Ceramics के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने शेयर बायबैक के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी हासिल कर ली है। इस योजना के तहत कंपनी **2.15 मिलियन** शेयर वापस खरीदेगी, जिसकी कुल कीमत **₹296.7 करोड़** होगी। बायबैक **₹1,380** प्रति शेयर के भाव पर किया जाएगा।

Kajaria Ceramics को शेयरधारकों का समर्थन

Kajaria Ceramics लिमिटेड ने अपने ₹296.7 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम को शेयरधारकों से मंजूरी दिला ली है। कंपनी 2,150,000 (2.15 मिलियन) इक्विटी शेयर वापस खरीदने का इरादा रखती है।

बायबैक का तरीका और कीमत

यह बायबैक 'टेंडर ऑफर' रूट से किया जाएगा, यानी कंपनी एक निश्चित कीमत पर शेयरधारकों से सीधे शेयर खरीदेगी। बायबैक की कीमत ₹1,380 प्रति शेयर तय की गई है। इस तरह, बायबैक की कुल राशि ₹296.70 करोड़ से ज्यादा नहीं होगी।

शेयरधारकों का भारी समर्थन

इस प्रस्ताव पर हुए पोस्टल बैलेट वोटिंग में शेयरधारकों ने जमकर समर्थन किया। 97.82% वोट बायबैक के पक्ष में पड़े। कुल 127,831,222 वोटिंग शेयर्स में से 125,049,377 वोट 'हां' में थे, जबकि सिर्फ 2,781,845 वोट 'ना' में पड़े। यह दिखाता है कि प्रमोटर्स और संस्थागत निवेशकों सहित अधिकांश शेयरधारकों का कंपनी पर मजबूत भरोसा है।

बायबैक क्यों महत्वपूर्ण है?

यह बायबैक कंपनी की अपने शेयरधारकों को पूंजी लौटाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शेयर कम होने से कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) बढ़ सकता है। 'टेंडर ऑफर' शेयरधारकों को मौजूदा बाजार भाव से प्रीमियम पर शेयर बेचने का एक सीधा मौका देता है।

आगे क्या?

शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद, Kajaria Ceramics अब बायबैक को लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इसमें टेंडर ऑफर की अवधि, रिकॉर्ड डेट और SEBI के नियमों के अनुसार अन्य प्रक्रियाओं की घोषणा शामिल होगी।

जोखिम के पहलू

हालांकि बायबैक को मंजूरी मिल गई है, लेकिन असल में कितने शेयर वापस खरीदे जाएंगे, यह शेयरधारकों की भागीदारी पर निर्भर करेगा। अगर उम्मीद से कम शेयरधारक टेंडर करते हैं, तो पूरी राशि का उपयोग नहीं हो पाएगा। इसके अलावा, बायबैक से कंपनी के कैश रिजर्व कम हो जाते हैं, जिसका असर भविष्य के निवेश पर पड़ सकता है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.