Kahan Packaging ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹30.47 करोड़** का राजस्व और **₹1.17 करोड़** का प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी ने **3:1** के अनुपात में बोनस शेयर जारी कर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹30.47 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल ₹28.52 करोड़ थी। इसी दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) भी ₹1.12 करोड़ से बढ़कर ₹1.17 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि प्रति शेयर आय (EPS) सुधरकर 4.30 हो गई है।
बोनस शेयर और कैपिटल स्ट्रक्चर
कंपनी ने अपने इक्विटी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करते हुए 21 अगस्त, 2026 को 3:1 के अनुपात में बोनस शेयर अलॉट किए हैं। इसके बाद कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल बढ़कर ₹10.88 करोड़ और ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹15 करोड़ हो गई है। बोनस इश्यू आमतौर पर कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और बेहतर लिक्विडिटी की ओर इशारा करते हैं।
चुनौती और रिस्क फैक्टर
मजबूत नतीजों के बीच मैनेजमेंट ने कुछ ऑपरेशनल चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। रॉ मटेरियल की कीमतों में अस्थिरता और सप्लाई चेन में बाधाएं मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। पैकेजिंग सेक्टर में बढ़ती कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी के लिए अपनी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो रहा है, जिससे नेट प्रॉफिट रेशियो मामूली गिरकर 3.85% पर आ गया है।
बैलेंस शीट में सुधार
सकारात्मक पक्ष यह है कि कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है। डेट-इक्विटी रेशियो पिछले साल के 0.81 से घटकर अब 0.60 रह गया है। साथ ही, रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी वित्त वर्ष 2025 के 6.03% के मुकाबले बढ़कर 11.20% हो गया है।
निवेशकों की नजरें अब 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 13वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहां फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और ई-कॉमर्स सेक्टर में विकास की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जा सकती है।
