KNR Constructions ने Q1 FY27 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें दो सब्सिडियरी के बिक्री से हुए ₹285.33 करोड़ के जबरदस्त मुनाफे का बड़ा हाथ है। कंपनी ने डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट और AGM की जानकारी भी दी है।
KNR Constructions ने Q1 FY27 में अकेले मुनाफे (Standalone Profit) में की छलांग
KNR Constructions Ltd. ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का अकेले मुनाफा (Standalone Net Profit) बढ़कर ₹282.28 करोड़ हो गया है। इस जोरदार उछाल की मुख्य वजह दो सब्सिडियरी कंपनियों - KNR Palani Infra Private Limited और KNR Ramagiri Infra Private Limited - की पूरी हिस्सेदारी ₹432.48 करोड़ में Indus Infra Trust को बेचना है, जिससे कंपनी को ₹285.33 करोड़ का बड़ा एकमुश्त फायदा (Exceptional Gain) हुआ है।
नतीजों का क्या है मतलब?
सब्सिडियरी की बिक्री से हुए इस एकमुश्त मुनाफे ने अकेले के नतीजों को काफी बेहतर दिखाया है। कंपनी डिविडेंड भुगतान के लिए 15 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय कर चुकी है और 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर 2026 को होनी है, जहां शेयरधारकों को कुछ महत्वपूर्ण संबंधित-पक्ष लेनदेन (related-party transactions) पर वोट करना होगा। वहीं, कंसोलिडेटेड लेवल पर, कंपनी का मुनाफा ₹80.81 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹587.94 करोड़ दर्ज किया गया।
कालेश्वरम प्रोजेक्ट की देनदारी पर नज़र
KNR Constructions इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती है। सब्सिडियरी की बिक्री को कंपनी ने वैल्यू अनलॉक करने की एक स्ट्रैटेजिक चाल बताया है। हालांकि, कंपनी को ऐतिहासिक तौर पर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और देनदारी (receivables) वसूली में दिक्कतें आती रही हैं। खासकर, तेलंगाना में कालेश्वरम पैकेज 4 इरिगेशन प्रोजेक्ट से जुड़ी ₹1,373.09 करोड़ की देनदारी (trade receivables and unbilled amounts) चिंता का विषय बनी हुई है, जिसकी कलेक्शन मार्च 2023 से रुकी हुई है। मैनेजमेंट को वसूली का भरोसा है, लेकिन यह कंपनी की लिक्विडिटी और एग्जीक्यूशन रिस्क को बढ़ाता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को AGM में संबंधित-पक्ष लेनदेन की मंजूरी की प्रगति और कालेश्वरम प्रोजेक्ट से अटकी हुई देनदारी की वसूली पर कंपनी के अपडेट पर पैनी नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी का अपने प्रोजेक्ट पाइपलाइन और वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने की क्षमता भविष्य में अहम साबित होगी।
