CARE Ratings ने KIC Metaliks Limited की क्रेडिट रेटिंग को बढ़ाकर 'CARE BBB+' कर दिया है। बेहतर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और मजबूत बैलेंस शीट के दम पर कंपनी ने शानदार रिकवरी दिखाई है।
रेटिंग में उछाल की वजह
CARE Ratings ने KIC Metaliks Limited (KML) के लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज को 'CARE BBB+' में अपग्रेड किया है। कंपनी ने अपनी ₹95.01 करोड़ की लॉन्ग-टर्म फैसिलिटीज और ₹25 करोड़ की कंबाइंड फैसिलिटीज के लिए बेहतर रेटिंग हासिल की है।
कर्ज कम होने से बढ़ता भरोसा
कंपनी के फाइनेंशियल प्रोफाइल में सुधार का सबसे बड़ा कारण उसका कर्ज कम करना है। FY26 के अंत तक कंपनी का गियरिंग रेशियो घटकर 0.59x रह गया है, जो FY25 में 0.71x था। कंपनी ने अपने टर्म लोन को चुकाने में सफलता हासिल की है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का दम
कंपनी का पिग आयरन प्लांट अब फुल स्पीड पर काम कर रहा है। FY26 में प्लांट का यूटिलाइजेशन 90% तक पहुंच गया, जो FY25 में 72% था। यह रफ्तार Q1 FY27 में 96% तक पहुंच गई है। इसके पीछे Bengal Energy Limited के साथ सप्लाई चेन का मजबूत तालमेल एक बड़ी वजह है।
मुनाफे की पटरी पर वापसी
FY26 में कंपनी ने कुल ₹782.89 करोड़ की इनकम दर्ज की। कंपनी ₹6.09 करोड़ के घाटे से उबरते हुए ₹1.05 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) कमाने में कामयाब रही। साथ ही, इंटरेस्ट कवरेज रेशियो भी 1.23x से बढ़कर 2.59x हो गया है, जो Q1 FY27 में 7.52x के शानदार स्तर पर है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद, स्टील सेक्टर में कच्चे माल (आयरन ओर, कोल/कोक) की कीमतों में आने वाला उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे पर असर डाल सकता है। साथ ही, पर्यावरण से जुड़े सख्त मानकों के चलते भविष्य में कंपनी को भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर की जरूरत पड़ सकती है।
