KEI Industries ने वित्त वर्ष 2026 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **31.88%** बढ़कर **₹918 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू **20.66%** की ग्रोथ के साथ **₹11,748 करोड़** तक पहुंच गया है। कंपनी कर्ज-मुक्त स्थिति में है, लेकिन मई 2026 से जारी इनकम टैक्स विभाग की जांच पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
मुनाफे और रेवेन्यू की बढ़त
KEI Industries ने FY 2025-26 के अपने एनुअल रिपोर्ट में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का EBITDA 30.56% बढ़कर ₹1,388 करोड़ हो गया है। मार्जिन में सुधार 11.81% पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
रिटेल और एक्सपोर्ट का दम
कंपनी ने लो-मार्जिन EPC काम से हटकर अपने बिजनेस मॉडल को बदला है। अब कंपनी की कुल सेल्स में रिटेल सेगमेंट का हिस्सा 54% है, जिसके लिए 2,125 डीलर्स का मजबूत नेटवर्क काम कर रहा है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट बिजनेस में 45% की जबरदस्त तेजी आई है और यह ₹1,833 करोड़ रहा। कंपनी अभी नेट डेट-फ्री है, जिससे भविष्य के एक्सपेंशन के लिए फंड जुटाना आसान हो गया है।
क्षमता विस्तार (Capacity Expansion)
कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर दे रही है। साणंद ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का पहला फेज चालू हो चुका है, जबकि Extra High Voltage (EHV) का दूसरा फेज मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने अगले कुछ वर्षों में 20% की रेवेन्यू CAGR का लक्ष्य रखा है।
रिस्क फैक्टर
मई 2026 में कंपनी और उसके कर्मचारियों के परिसरों पर इनकम टैक्स विभाग ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। हालांकि, अगस्त 2026 तक कोई डिमांड नोटिस नहीं मिला है, लेकिन निवेशकों को इसे एक अनिश्चित जोखिम (latent risk) के रूप में देखना चाहिए क्योंकि जांच अभी खत्म नहीं हुई है।
