KEC International को माली के टैक्स अधिकारियों से **₹12.89 करोड़** का डिमांड नोटिस मिला है। यह मामला जनवरी **2020** से दिसंबर **2021** के बीच ऑफशोर सप्लाई पर टैक्स विवाद से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
माली में कंपनी की ब्रांच को 'डायरेक्टरेट ऑफ लार्ज एंटरप्राइज' (DGE) से यह असेसमेंट ऑर्डर मिला है। इसमें ₹6.10 करोड़ का टैक्स और ₹6.79 करोड़ का जुर्माना शामिल है, कुल मिलाकर यह रकम ₹12.89 करोड़ (FCFA 775 मिलियन) बैठती है।
टैक्स विभाग का आरोप है कि ऑफशोर सप्लाई पर टैक्स का भुगतान सही ढंग से नहीं किया गया। साथ ही, उन्होंने उस सरकारी डिक्री को भी चुनौती दी है, जिसके तहत कंपनी को पहले टैक्स छूट मिली हुई थी।
कंपनी का स्टैंड
KEC International का मैनेजमेंट इस नोटिस को सिरे से खारिज कर रहा है। बाहरी कानूनी सलाह लेने के बाद कंपनी ने साफ किया है कि यह डिमांड गलत है और वे इसे कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। कंपनी को उम्मीद है कि इस पूरे विवाद का उनके फाइनेंशियल ऑपरेशंस पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही यह रकम कंपनी के कुल ऑर्डर बुक के मुकाबले बहुत छोटी है, लेकिन यह मामला विदेशी बाजार में काम करने की जटिलताओं को दर्शाता है। फिलहाल, निवेशकों को कानूनी प्रक्रिया के अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए कि क्या भविष्य में कंपनी को कोई प्रोविजन (Provision) बनाने की जरूरत पड़ती है या नहीं।
