KEC International के निवेशकों के लिए बुरी खबर आई है। कंपनी ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें मुनाफे में **41.7%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का मुनाफा घटकर **₹72.62 करोड़** रह गया है। वहीं, रेवेन्यू लगभग सपाट रहा है।
KEC International का मुनाफा 41.7% लुढ़का
KEC International ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) की पहली तिमाही, यानी 30 जून 2026 को समाप्त हुई अवधि के अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹72.62 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के ₹124.60 करोड़ के मुकाबले 41.7% की बड़ी गिरावट है।
रेवेन्यू में मामूली बढ़त, मुनाफे पर दबाव
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू इस तिमाही में ₹5,023.54 करोड़ रहा, जो पिछले साल की पहली तिमाही के ₹5,022.88 करोड़ के मुकाबले लगभग सपाट है। यानी, जहां रेवेन्यू में कोई खास बदलाव नहीं आया, वहीं मुनाफे में बड़ी गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है या फिर ऑपरेशनल खर्चे बढ़े हैं।
कानूनी जांच का साया
निवेशकों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण कंपनी के खिलाफ चल रही एक सरकारी एजेंसी की जांच है। यह जांच एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट से जुड़ी है और इसमें चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, कंपनी का मैनेजमेंट का मानना है कि इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह मामला अभी विचाराधीन है और किसी भी प्रतिकूल घटना से कंपनी की प्रतिष्ठा और वित्तीय सेहत पर असर पड़ सकता है।
EPC सेगमेंट रहा मुख्य सहारा
KEC International मुख्य रूप से अपने इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बिजनेस और केबल मैन्युफैक्चरिंग ('अन्य' सेगमेंट) के जरिए काम करती है। EPC सेगमेंट ऐतिहासिक रूप से रेवेन्यू का सबसे बड़ा जरिया रहा है, और इस तिमाही में भी यही स्थिति बनी हुई है।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि KEC International आने वाली तिमाहियों में लागत प्रबंधन और परिचालन में सुधार करके मुनाफे को कैसे बढ़ा पाती है। साथ ही, कंपनी कानूनी जांच से कैसे निपटती है, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा। भविष्य के तिमाही नतीजों और ऑर्डर बुक की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी।
