Jyoti Structures Limited की लेटेस्ट मॉनिटरिंग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि **30 सितंबर, 2026** तक कंपनी का **23.49 करोड़** रुपये का फंड इस्तेमाल नहीं हुआ है। कंपनी ने अब इस राशि को खर्च करने की डेडलाइन **31 मार्च, 2027** तक बढ़ा दी है।
फंड का स्टेटस और डेडलाइन
कंपनी ने अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि कुल 459.69 करोड़ रुपये के इश्यू साइज में से अब तक 436.20 करोड़ रुपये का ही उपयोग हो पाया है। शेष बची 23.49 करोड़ की राशि फिलहाल फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) में सुरक्षित रखी गई है। कंपनी ने अप्रैल 2026 में लिए गए बोर्ड प्रस्ताव के जरिए अब इस फंड के उपयोग की सीमा को 31 मार्च, 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2027 कर दिया है।
रिकवरेबल्स और रिस्क फैक्टर्स
निवेशकों के लिए सबसे चिंता का विषय कंपनी का आउटस्टैंडिंग रिसीवेबल्स (Receivables) है। यह आंकड़ा 31 मार्च, 2026 तक बढ़कर 2,023.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 1,971.56 करोड़ था। कंपनी ने बैड और डाउटफुल डेट्स (Bad Debts) के लिए 14.75 करोड़ रुपये का प्रोविजन भी अलग रखा है। फिलहाल मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स और वर्क-इन-प्रोग्रेस की रिकॉन्सिलिएशन प्रक्रिया चला रहा है ताकि इन पुराने बकायों की वसूली की जा सके।
स्टॉक का हाल
वित्तीय स्थिरता के लिहाज से ये बकाया राशियां कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी का शेयर भाव 8.92 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो कि इश्यू प्राइस से काफी नीचे है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी मार्च 2027 तक बचे हुए फंड को कैसे इस्तेमाल करती है और रिसीवेबल्स की वसूली में कितनी प्रगति होती है।
