Jyoti Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर **₹276.53 करोड़** हो गया है, जबकि ऑपरेटिंग EBITDA में भी सुधार देखा गया है। हालांकि, मुनाफे के बावजूद कंपनी ने डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Jyoti Ltd ने मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹244.92 करोड़ से बढ़कर ₹276.53 करोड़ हो गया है। वहीं, ऑपरेटिंग EBITDA भी पिछले साल के ₹17.17 करोड़ से सुधरकर ₹23.18 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
ऑपरेशन्स का हाल
कंपनी की ग्रोथ में अलग-अलग डिवीजन का बड़ा योगदान रहा है। खास तौर पर 'स्विचगियर' (Switchgear) बिजनेस का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसकी सेल्स 41% उछलकर ₹125.15 करोड़ हो गई। इसके अलावा, कंपनी के O&M इरिगेशन कॉन्ट्रैक्ट्स ने ₹147 करोड़ का योगदान दिया, और ECS (रिले) डिवीजन ने भी 36% की ग्रोथ के साथ ₹4.50 करोड़ की सेल्स दर्ज की।
कॉरपोरेट फैसले और स्ट्रैटेजी
कंपनी ने अपनी 82वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 सितंबर, 2026 को बुलाई है। सबसे अहम खबर यह है कि कर्ज कम करने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी संपत्तियों (Undertakings) को बेचने या लीज पर देने का प्रस्ताव लेकर आई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई डिविडेंड नहीं दिया जाएगा, क्योंकि कंपनी का पूरा फोकस पूंजी को सुरक्षित रखने पर है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब AGM में होने वाले फैसलों पर होगी, जहां संपत्तियों की बिक्री पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही, Rare Asset Reconstruction Ltd को जारी किए गए शेयरों की लिस्टिंग प्रक्रिया पर भी मार्केट की निगाहें टिकी रहेंगी।
