Jupiter Wagons FY26: सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच कंपनी का रेवेन्यू **₹2,916 करोड़** रहा

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jupiter Wagons FY26: सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच कंपनी का रेवेन्यू **₹2,916 करोड़** रहा

Jupiter Wagons Ltd ने अपना FY26 का एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है। सप्लाई चेन में दिक्कत और व्हीलसेट की कमी के कारण कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट आई है, लेकिन कंपनी अब ओडिशा प्लांट और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट पर दांव लगा रही है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

Jupiter Wagons Ltd के लिए यह साल चुनौतियों भरा रहा। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹2,915.70 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि कंपनी ने ₹165.96 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। हालांकि, पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹3,963.28 करोड़ के मुकाबले रेवेन्यू में गिरावट साफ देखी जा सकती है। इसके पीछे मुख्य कारण पूरे इंडस्ट्री में व्हीलसेट की भारी किल्लत रही है, जिसने प्रोडक्शन पर ब्रेक लगा दिया था। इतनी मुश्किलों के बावजूद कंपनी ने 12.44% का EBITDA मार्जिन बनाए रखा है।

भविष्य के लिए कंपनी की रणनीति

सप्लाई चेन की निर्भरता कम करने के लिए कंपनी वर्टिकल इंटीग्रेशन पर जोर दे रही है:

  • रेल मोबिलिटी: ओडिशा में बन रहे ग्रीनफील्ड व्हील और एक्सल प्लांट का काम तेजी से चल रहा है। साल 2027 तक यहाँ प्रतिवर्ष 1 लाख फोर्ज्ड व्हीलसेट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: सब्सिडियरी कंपनी Jupiter Electric Mobility (JEM) ने अपना TEZ e-LCV लॉन्च किया है। साथ ही, 300 यूनिट्स की तैनाती के लिए एक MoU भी साइन किया गया है, जो कंपनी के विविधीकरण (Diversification) की ओर एक बड़ा कदम है।

गवर्नेंस और AGM

कंपनी ने अपनी 46वीं AGM 29 सितंबर, 2026 को बुलाई है। इस मीटिंग में डायरेक्टर्स की नियुक्ति और कंपनी के ऑब्जेक्ट क्लॉज में बदलाव जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। निवेशकों को ओडिशा प्रोजेक्ट की समय पर पूरा होने की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसी पर कंपनी का भविष्य और मार्जिन सुधार निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.