Jonjua Overseas ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू 236% बढ़कर ₹21.99 करोड़ और नेट प्रॉफिट 228% बढ़कर ₹8.07 करोड़ हो गया है। बोर्ड ने 7:24 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दे दी है।
Jonjua Overseas के दमदार नतीजे
Jonjua Overseas लिमिटेड ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY2026) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल के ₹6.54 करोड़ की तुलना में 236% बढ़कर ₹21.99 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 228% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल के ₹2.46 करोड़ से बढ़कर ₹8.07 करोड़ हो गया।
बोनस शेयर और टेक्नोलॉजी अधिग्रहण
इन शानदार वित्तीय नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 7:24 के अनुपात में बोनस इक्विटी शेयर जारी करने की मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि हर 24 शेयरों पर शेयरधारकों को 7 बोनस शेयर मिलेंगे।
इसके अलावा, कंपनी ने अपने मैनेजिंग डायरेक्टर, मेजर हरजिंदर सिंह जोनजुआ से 'VTOL/STOL हेलिपैड और एयरस्ट्रिप के लिए इनोवेटिव इको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी' (एक ट्रेड सीक्रेट) को ₹19.14 करोड़ में खरीदने की भी मंजूरी दे दी है।
अन्य अहम फैसले
कंपनी ने नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर के तौर पर APT & Co LLP की नियुक्ति की है, जिन्होंने जैन एंड एसोसिएट्स का स्थान लिया है। कंपनी ने यह भी बताया कि फिलहाल उस पर कोई बैंक लोन (debt-free) नहीं है।
यह क्यों मायने रखता है?
शानदार वित्तीय प्रदर्शन कंपनी के संचालन में मजबूती और बाजार में अच्छी पकड़ को दर्शाता है। बोनस इश्यू शेयरधारकों को पुरस्कृत करने और शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाने का एक जरिया है। VTOL/STOL हेलिपैड टेक्नोलॉजी का अधिग्रहण भविष्य में ग्रोथ और विस्तार की संभावनाओं को खोलता है। बैंक पर कर्ज न होना कंपनी को वित्तीय मजबूती देता है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर रहेंगी कि नई हेलिपैड टेक्नोलॉजी का एकीकरण और संचालन कितनी सफलतापूर्वक होता है और इससे कंपनी के रेवेन्यू में कितनी बढ़ोतरी होती है। साथ ही, रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (संबंधित पक्ष के साथ होने वाले सौदे) की सीमा ₹100 करोड़ तक की गई है, जिस पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
