John Cockerill India मुनाफे में लौटी, डिविडेंड का ऐलान
John Cockerill India Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹10.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल इसी अवधि में दर्ज ₹5.38 करोड़ के नेट लॉस से एक बड़ा सुधार है।
इनकम घटी, पर मुनाफा कैसे बढ़ा?
इस मुनाफे के बावजूद, कंपनी की कुल आय थोड़ी कम हुई है, जो 2024 में ₹393.60 करोड़ थी, वहीं 2025 में घटकर ₹366.63 करोड़ रह गई। इसके पीछे कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि कॉस्ट कटिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस बढ़ाने का असर नतीजों पर दिख रहा है।
ऑर्डर बुक में 74% की ग्रोथ, भविष्य में मजबूती के संकेत
कंपनी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी उसकी ऑर्डर बुक में आई 74% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है। 31 दिसंबर, 2025 तक, ऑर्डर बुक ₹1,186.9 करोड़ तक पहुंच गई है, जो अगले फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है।
शेयरधारकों को तोहफा: ₹7 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने ₹7 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के प्रति कंपनी के भरोसे और बेहतर भविष्य के प्रदर्शन का संकेत है।
अधिग्रहण से मिलेगी और मजबूती
इसके अलावा, कंपनी ने बेल्जियम की John Cockerill Metals International SA का 100% इक्विटी अधिग्रहण कर लिया है। यह कदम ग्रुप के मेटल्स बिजनेस को भारत पर केंद्रित करते हुए कंसॉलिडेट करने की रणनीति का हिस्सा है। इससे ऑपरेशनल सिनर्जीज़ (Synergies) बढ़ने और ग्लोबल इंटीग्रेशन (Global Integration) में मदद मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या देखना होगा?
हालांकि मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कुल आय में आई गिरावट पर नजर रहेगी। कंपनी को अपने बड़े ऑर्डर बुक को लगातार रेवेन्यू और मुनाफे में बदलने की क्षमता दिखानी होगी। साथ ही, बेल्जियम स्थित कंपनी के अधिग्रहण से मिलने वाले फायदों पर भी निवेशक बारीकी से नज़र रखेंगे।
