Jindal Stainless Q2 Results: मुनाफे में **9%** का उछाल, लेकिन वॉल्यूम गाइडेंस में कटौती

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Jindal Stainless Q2 Results: मुनाफे में **9%** का उछाल, लेकिन वॉल्यूम गाइडेंस में कटौती

Jindal Stainless ने Q2 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रॉफिट **9%** बढ़कर **₹1,666 करोड़** रहा है। हालांकि, सुस्त मांग के चलते कंपनी ने अपनी एनुअल वॉल्यूम ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर **4-6%** कर दिया है।

नतीजों का हाल

Jindal Stainless ने इस तिमाही में मजबूती दिखाई है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 2% बढ़कर ₹2,762 करोड़ रहा है। हालांकि, पहली छमाही में वॉल्यूम 2% घटकर 1.25 मिलियन टन पर आ गया है, जिसे देखते हुए प्रबंधन ने गाइडेंस को 7-9% से घटाकर 4-6% कर दिया है। अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने EBITDA-पर-टन का आउटलुक बढ़ाकर ₹20,000-22,000 कर दिया है।

टैक्स बचाने के लिए बड़ा कदम

कंपनी के बोर्ड ने अपनी चार सहायक कंपनियों—Jindal United Steel, Chromeni Steels, JSL Super Steels, और Rabirun Vinimay—के विलय (Amalgamation) को मंजूरी दे दी है। इस कदम से कंपनी को अगले एक साल में ₹100-125 करोड़ का टैक्स लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.15x है, जो काफी सुरक्षित माना जा रहा है।

मार्केट के सामने चुनौतियां

मैनेजमेंट ने चीन से सस्ते आयात (Import) पर चिंता जताई है। फिलहाल क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर के सस्पेंशन के कारण घरेलू बाजार में दबाव है। कंपनी सरकार से एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की मांग कर रही है, जिस पर दिसंबर के अंत तक फैसला आ सकता है। यूरोप में जारी चुनौतियों के बीच, JSL ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत की है।

इन जोखिमों पर रखें नजर

  • 200-सीरीज स्टेनलेस स्टील के आयात का दबाव कीमतों पर असर डाल सकता है।
  • महाराष्ट्र प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण लॉन्ग-टर्म कैपेक्स पर असर पड़ने की आशंका है।
  • कच्चे माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन के लिए खतरा बना हुआ है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.