Jindal Stainless ने Q2 FY2027 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹894.58 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। ऑपरेशनल ग्रोथ और टैक्स सेटलमेंट के दम पर कंपनी की बैलेंस शीट और मजबूत हुई है।
मुनाफे में दमदार उछाल
Jindal Stainless Limited ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹894.58 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹806.94 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी ₹10,892.78 करोड़ से बढ़कर ₹12,873.86 करोड़ हो गया है। इस तिमाही में हरियाणा वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत टैक्स विवाद सुलझने से कंपनी को ₹95.63 करोड़ का फायदा भी हुआ है।
बड़े बदलाव और रेटिंग अपग्रेड
कंपनी के बोर्ड ने अपनी चार पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरीज—Chromeni Steels Limited, Rabirun Vinimay Private Limited, JSL Super Steel Limited और Jindal United Steel Limited के विलय (Amalgamation) को मंजूरी दे दी है। इस कदम का उद्देश्य कॉरपोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाना है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपने ₹99 करोड़ के NCDs को पूरी तरह रिडीम कर लिया है और Care Ratings ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'CARE AA+, Stable' कर दिया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
हालांकि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी मजबूत है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 'Mines and Minerals (Development & Regulation) Act' पर आए फैसले के चलते अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में कंपनी पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ का आकलन करना कठिन है।
आगे क्या देखना होगा?
अब निवेशकों की नजरें NCLT द्वारा सब्सिडियरीज के विलय को मिलने वाली मंजूरी और मिनरल राइट्स टैक्स लायबिलिटी को लेकर सरकार की तरफ से आने वाले स्पष्टीकरणों पर टिकी होंगी।
