Jindal Saw Q2 Results: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी सेंध; नेट प्रॉफिट **74.5%** गिरा

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jindal Saw Q2 Results: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी सेंध; नेट प्रॉफिट **74.5%** गिरा

Jindal Saw के लिए दूसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू तो **5.6%** बढ़ा है, लेकिन नेट प्रॉफिट में **74.5%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह घटकर **₹35.28 करोड़** रह गया है। इसके अलावा, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Jindal ITF से जुड़े कानूनी मामले को लेकर भी चर्चा में है।

मुनाफे में क्यों आई गिरावट?

कंपनी के रेवेन्यू ऑपरेशंस ₹4,471.79 करोड़ तक पहुंच गए हैं, लेकिन बॉटम लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹138.56 करोड़ था, जो अब घटकर ₹35.28 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने ₹26.67 करोड़ का टैक्स बेनिफिट एडजस्टमेंट भी लिया है, जिसके बिना मुनाफे की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण नजर आती है।

पीबीटी (PBT) में भारी गिरावट

ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 92.1% की बड़ी गिरावट आई है। यह पिछले साल के ₹182.57 करोड़ से गिरकर महज ₹14.42 करोड़ रह गया है, जो कंपनी के बढ़ते खर्चों और मार्जिन पर पड़ रहे दबाव को दर्शाता है।

कानूनी विवाद का साया

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर सब्सिडियरी कंपनी Jindal ITF Limited (JITF) से जुड़ा है। कंपनी फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में ₹1,891.08 करोड़ के एक आर्बिट्रल अवार्ड का सामना कर रही है। हालांकि मैनेजमेंट इसे लेकर आश्वस्त है, लेकिन यह कानूनी पचड़ा कंपनी के कंसोलिडेटेड वैल्युएशन पर बड़ा असर डाल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.