Jindal Saw Q2 FY27: मुनाफे में बड़ी गिरावट, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और महंगे लॉजिस्टिक्स की मार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Jindal Saw Q2 FY27: मुनाफे में बड़ी गिरावट, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और महंगे लॉजिस्टिक्स की मार

Jindal Saw ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले काफी घटकर **₹35 करोड़** रह गया है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू **6%** बढ़कर **₹4,523 करोड़** रहा, लेकिन मार्जिन पर दबाव साफ दिखा।

नतीजों का हाल

Jindal Saw का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹139 करोड़ से लुढ़ककर अब महज ₹35 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का रेवेन्यू तो 6% की ग्रोथ के साथ ₹4,523 करोड़ तक पहुँचा है, लेकिन मार्जिन में आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 8% रह गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 5.9% कम है।

क्यों बिगड़ा खेल?

मैनेजमेंट ने खराब प्रदर्शन के पीछे मिडिल ईस्ट की अस्थिरता को जिम्मेदार ठहराया है। इसके कारण कंपनी की अबू धाबी फैसिलिटी की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन मात्र 50% रह गई है। इसके अलावा, कोकिंग कोल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स के अनिश्चित खर्चों ने कंपनी के मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।

आगे की राह

उम्मीद की किरण यह है कि कंपनी के पास ₹17,000 करोड़ का एक मजबूत ऑर्डर बुक है। मैनेजमेंट को भरोसा है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही (H2) में स्थिति बेहतर होगी। कंपनी फिलहाल पेंडिंग पड़े ₹5,300 करोड़ के 'लेटर्स ऑफ इंटेंट' (LOI) को फर्म ऑर्डर्स में बदलने पर काम कर रही है, जिससे Q3 और Q4 में परफॉर्मेंस सुधरने की संभावना है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

निवेशकों को मिडिल ईस्ट में जियो-पॉलिटिकल हालात और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों पर नजर रखनी चाहिए। अगर ये तनाव कम नहीं होते, तो मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.