Jindal Poly Films की 52वीं AGM में ऑडिटर ने फाइनेंशियल नतीजों पर क्वालिफाइड ओपिनियन दी है। हालांकि, मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि सब्सिडियरी में लगी आग का कंपनी की वित्तीय सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं है।
ऑडिट रिपोर्ट में क्या है पेंच?
कंपनी की 52वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मुख्य चर्चा का विषय कंपनी की सब्सिडियरी 'JPFL Films Private Limited' में लगी आग रही। स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने FY26 के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दी है। ऑडिटर का कहना है कि आग के कारण बर्बाद हुए इन्वेंट्री के सही वैल्यूएशन का आकलन अभी पूरी तरह नहीं हो पाया है, क्योंकि फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है।
मैनेजमेंट का रुख
मैनेजमेंट ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि इस घटना का कंपनी के ओवरऑल फाइनेंशियल्स पर कोई 'मटेरियल इम्पैक्ट' नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, जब तक फाइनल असेसमेंट पूरा नहीं हो जाता, तब तक निवेशकों को इस पर नजर बनाए रखनी होगी।
बोर्ड में बड़े बदलाव
AGM में शेयरधारकों ने अहम फैसलों पर मुहर लगाई:
- FY26 के फाइनेंशियल अकाउंट्स को मंजूरी मिली।
- विजेंद्र कुमार सिंघल को दोबारा डायरेक्टर नियुक्त किया गया।
- संजीव अग्रवाल को 4 साल के दूसरे कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से चुना गया।
खास बात यह रही कि संजीव अग्रवाल ने अपनी नियुक्ति से जुड़े डिस्कशन के दौरान खुद को चेयरमैन पद से अलग रखा, और उनकी जगह राठी बिनोद पाल ने कार्यवाही का संचालन किया।
आगे क्या करें निवेशक?
निवेशकों को अब कंपनी की अगली तिमाही की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। इसमें आग के बाद हुए इन्वेंट्री के फाइनल वैल्यूएशन और ऑडिटर्स की अगली टिप्पणी पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही सटीक फाइनेंशियल सेहत का पैमाना तय करेगी।
