Jayant Infratech Ltd ने ₹12.57 करोड़ के स्लम सेल (Slump Sale) के जरिए M/s. Jayant Infraprojects (JIP) को खरीदने का ऐलान किया है। इस डील का उद्देश्य रेलवे और इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार को एक साथ लाना है। इस प्रस्ताव पर 10 नवंबर 2026 को होने वाली EGM में शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे।
बड़ी अधिग्रहण योजना
कंपनी ने इस डील के लिए कुल कंसीडरेशन ₹12.57 करोड़ तय किया है। इसमें ₹8.79 करोड़ का कैश पेमेंट शामिल है, जबकि ₹3.77 करोड़ का एडजस्टमेंट कंपनी की JIP में पहले से मौजूद 30% हिस्सेदारी के आधार पर किया जाएगा। JIP का टर्नओवर फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹22.58 करोड़ रहा है।
क्यों अहम है यह डील?
इस अधिग्रहण के जरिए कंपनी रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन और सिविल कंस्ट्रक्शन ऑपरेशंस को सीधे अपने अंडर लाने की कोशिश कर रही है। इससे रिसोर्स का बेहतर इस्तेमाल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ने की उम्मीद है।
गवर्नेंस और रेगुलेटरी पहलू
यह एक 'रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन' (RPT) है, जो SEBI के नियमों के दायरे में आता है। मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश जोबनपुत्रा के दोनों कंपनियों में हित होने के कारण इस पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कैश पेमेंट में दिक्कत आती है, तो कंपनी प्रेफरेंशियल शेयर जारी करके भुगतान कर सकती है।
वोटिंग की जानकारी
शेयरहोल्डर्स 7 नवंबर 2026 से 9 नवंबर 2026 के बीच ई-वोटिंग (e-voting) कर सकेंगे। वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 3 नवंबर 2026 तय की गई है। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए M/s Rohtash Agrawal & Co. को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
चूंकि यह प्रमोटर-लिंक्ड डील है, इसलिए बाजार इसकी वैल्यूएशन और शेयर डाइल्यूशन की संभावना पर नजर रखे हुए है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह डील 'आर्म्स लेंथ प्राइसिंग' के नियमों का पालन करती है या नहीं।
