Jash Engineering ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹14.54 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू **₹192.51 करोड़** पर पहुंच गया है। अधिग्रहण के बाद कंपनी अब UK और सऊदी अरब में अपने विस्तार पर जोर दे रही है।
मुनाफे की रफ्तार और कंसोलिडेशन का असर
Jash Engineering ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹192.51 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹157.54 करोड़ था। हालांकि, स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस की बात करें, तो कंपनी का मुनाफा थोड़ा गिरकर ₹12.54 करोड़ रह गया है।
ग्लोबल विस्तार की रणनीति
कंपनी अपनी नई एक्विजिशन (Acquisitions) को तेजी से इंटीग्रेट कर रही है, जिसमें Penstocks (UK) Limited और Jash Process Equipment शामिल हैं। कंपनी ने अपनी UK सब्सिडियरी Waterfront Fluid Controls में हिस्सेदारी 80% से बढ़ाकर 97.32% करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी 1 मिलियन GBP के लोन और ब्याज को इक्विटी में बदलेगी। साथ ही, सऊदी अरब में 'Rodney Hunt Mahr Industries' नाम से नई इकाई बनाई गई है।
रिस्क फैक्टर और आगे की राह
फिलहाल निवेशकों को RBI की मंजूरी का इंतजार है। UK सब्सिडियरी के लिए लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन की प्रक्रिया RBI के नियमों (Foreign Exchange Management Rules 2022) के अधीन है। कंपनी का सऊदी अरब में डम्मम (Dammam) के पास जमीन हासिल करने और वहां कामकाज शुरू करने का प्लान शेयरहोल्डर्स के लिए अगला बड़ा ट्रिगर होगा।
