Jash Engineering ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹75.52 करोड़** रहा है, जबकि इस दौरान कंपनी की इनकम **₹756.68 करोड़** दर्ज की गई है।
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजह
कंपनी के प्रदर्शन पर इस बार ग्लोबल मार्केट की अनिश्चितताओं का गहरा असर दिखा है। अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी चिंताओं और भू-राजनीतिक (geopolitical) तनावों के चलते कंपनी के प्रोजेक्ट्स के निष्पादन में देरी हुई है, जिसका असर नेट प्रॉफिट पर पड़ा है। पिछले साल कंपनी का मुनाफा ₹86.77 करोड़ था, जो अब घटकर ₹75.52 करोड़ पर आ गया है। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹68.09 करोड़ रहा है।
ऑर्डर बुक और भविष्य की राह
चुनौतियों के बावजूद Jash Engineering की ऑर्डर बुक ₹932 करोड़ की मजबूत स्थिति में बनी हुई है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड को दर्शाती है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में खुद को ₹1,500 करोड़ से ज्यादा की एंटरप्राइज वैल्यू वाली कंपनी बनाने का है।
हालिया अधिग्रहण (Acquisitions) का फोकस
इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए कंपनी ने हाल ही में बड़े कदम उठाए हैं। जनवरी 2026 में WesTech Process Equipment (India) में 90% हिस्सेदारी और अप्रैल 2026 में Penstock UK में 100% हिस्सेदारी खरीदी गई है। इसके अलावा, कंपनी ने चेन्नई में एक नई फैसिलिटी और अपने यूनिट-4 प्लांट का विस्तार भी किया है।
निवेशकों को अब इन नई सब्सिडियरी के एकीकरण (integration) और इनसे मिलने वाले रेवेन्यू तालमेल पर नजर रखनी चाहिए।
