Jasch Industries: रेवेन्यू में बंपर उछाल, लेकिन बढ़ती लागत ने मुनाफे पर फेरा पानी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Jasch Industries: रेवेन्यू में बंपर उछाल, लेकिन बढ़ती लागत ने मुनाफे पर फेरा पानी

Jasch Industries के लिए सितंबर तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी का रेवेन्यू तो तेजी से बढ़ा, लेकिन कच्चे माल और एम्प्लॉई खर्च बढ़ने से नेट प्रॉफिट गिरकर **₹0.58 करोड़** पर आ गया है।

मुनाफे में क्यों आई गिरावट?

Jasch Industries के सितंबर 2026 तिमाही के नतीजों में रेवेन्यू में तो शानदार बढ़त दिखी है, लेकिन बॉटम-लाइन यानी नेट प्रॉफिट पर काफी दबाव देखा गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹2.09 करोड़ था, जो अब घटकर ₹0.58 करोड़ रह गया है। वहीं, जून तिमाही के ₹3.81 करोड़ के मुकाबले यह गिरावट और भी बड़ी है।

क्यों बढ़ रहा है मार्जिन पर दबाव?

कंपनी के रेवेन्यू में उछाल बताता है कि मार्केट में सिंथेटिक लेदर की डिमांड मजबूत है। हालांकि, कच्चे माल (Raw material) की लागत ₹66.61 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछली तिमाही में ₹57.42 करोड़ थी। कंपनी अपनी बढ़ती लागत को ग्राहकों पर पास करने में फिलहाल संघर्ष करती दिख रही है।

सेगमेंट वाइज परफॉर्मेंस

  • PVC सेगमेंट: इस सेगमेंट ने ₹35.74 करोड़ का रेवेन्यू दिया, जिसमें ₹1.60 करोड़ का प्रॉफिट रहा।
  • P.U. सेगमेंट: यहाँ स्थिति चिंताजनक है। ₹49.09 करोड़ के रेवेन्यू के बावजूद, इस सेगमेंट में ₹0.25 करोड़ का नुकसान हुआ है।

आगे की चुनौतियां

कंपनी के एम्प्लॉई बेनिफिट खर्च भी बढ़कर ₹5.04 करोड़ हो गए हैं। हालांकि कंपनी का एसेट बेस बढ़कर ₹189.29 करोड़ हो गया है, जिसमें ₹36.93 करोड़ का काम (Capital work-in-progress) चल रहा है, जो भविष्य की विस्तार योजना को दर्शाता है। निवेशकों को फिलहाल मार्जिन में सुधार और इनपुट कॉस्ट कंट्रोल पर नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.