Jain Resource Recycling ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹9,543 करोड़** का टर्नओवर दर्ज किया है। कंपनी अपने सोलर पावर्ड 'ग्रीन कॉपर कैथोड' प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है और EPR नियमों के लिए भी तैयार है। प्रमोटर के इनसाइडर ट्रेडिंग पेनल्टी के खिलाफ अपील जारी है।
जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग लिमिटेड का FY2025-26 का अपडेट
टर्नओवर: ₹9,543.11 करोड़
नेट वर्थ: ₹1,561.25 करोड़
निवेशकों के लिए खास: मजबूत टर्नओवर और ग्रीन इनिशिएटिव्स ग्रोथ का संकेत दे रहे हैं, लेकिन प्रमोटर के रेगुलेटरी मुद्दे पर नजर रखने की जरूरत है।
क्या हुआ?
जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग लिमिटेड ने अपने बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) FY 2025-26 जारी की है। कंपनी ने ₹9,543.11 करोड़ का टर्नओवर और ₹1,561.25 करोड़ की नेट वर्थ बताई है। कंपनी का खास फोकस सोलर पावर्ड 'ग्रीन कॉपर कैथोड' प्रोजेक्ट पर है, जिसका उद्देश्य बिना फॉसिल फ्यूल के कॉपर का उत्पादन करना है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसके कुल टर्नओवर का 62% एक्सपोर्ट से आता है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह रिपोर्ट कंपनी के सस्टेनेबिलिटी के प्रति समर्पण और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं की ओर रणनीतिक दिशा को दर्शाती है। सोलर एनर्जी से चलने वाला 'ग्रीन कॉपर कैथोड' प्रोजेक्ट ग्लोबल पर्यावरण ट्रेंड्स के अनुरूप है और कंपनी को कॉम्पिटिटिव एज दे सकता है। भारी-भरकम टर्नओवर और एक्सपोर्ट पर फोकस एक मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है। हालांकि, प्रमोटर से जुड़ा एक पेंडिंग रेगुलेटरी मामला निवेशकों के ध्यान देने लायक है।
पृष्ठभूमि
कंपनी 'आज रीसायकल करें, कल को बेहतर बनाएं' के फिलॉसफी पर काम करती है। मुख्य पर्यावरण पहलों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) मैकेनिज्म और लॉन्ग-टर्म कैप्टिव एग्रीमेंट्स के माध्यम से 5.6 MW सोलर पावर कैपेसिटी हासिल करना शामिल है। कंपनी अप्रैल 2026 से लागू होने वाले एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों के लिए भी तैयारी कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अपने ग्रीन इनिशिएटिव्स, जिसमें 'ग्रीन कॉपर कैथोड' प्रोजेक्ट भी शामिल है, पर आगे बढ़ रही है। साथ ही, यह आगामी EPR नियमों के अनुरूप खुद को सक्रिय रूप से तैयार कर रही है। इन मोर्चों पर प्रगति आने वाली अवधि में कंपनी के ऑपरेशनल और पर्यावरण प्रदर्शन को आकार देगी।
जोखिम
मुख्य जोखिम चेयरमैन, मिस्टर कमलेश जैन और जैन फैमिली ट्रस्ट से जुड़े मौजूदा रेगुलेटरी मामले से जुड़ा है। SEBI ने Refex Industries Limited के शेयर्स में कथित इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए ₹0.25 करोड़ का जुर्माना लगाया था। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह उसके अपने शेयर्स से संबंधित नहीं है, लेकिन सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में एक अपील लंबित है।
पीयर तुलना
हालांकि फाइलिंग में पीयर डेटा विशेष रूप से नहीं दिया गया है, जैन रिसोर्स रीसाइक्लिंग का ग्रीन कॉपर प्रोडक्शन और सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव्स पर फोकस इसे मेटल्स और रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री के बढ़ते सेगमेंट में रखता है, जो तेजी से पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) कारकों को प्राथमिकता दे रहा है।
अगले कदम
निवेशकों को इनसाइडर ट्रेडिंग पेनल्टी से संबंधित SAT में दायर अपील के नतीजे पर करीब से नजर रखनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, 'ग्रीन कॉपर कैथोड' प्रोजेक्ट की प्रगति और आगामी EPR नियमों के अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण संकेतक ट्रैक करने होंगे।
