Jain Resource Recycling Ltd अपनी यूएई स्थित सब्सिडियरी Jain Ikon Global Ventures FZC में अपनी हिस्सेदारी को **70%** से बढ़ाकर **99.74%** करने जा रही है। कंपनी इसके लिए **AED 1.70 करोड़** (करीब **₹44.50 करोड़**) के लोन को इक्विटी में बदलेगी, जिसका मुख्य मकसद भविष्य में इस यूनिट से पूरी तरह बाहर निकलना (Divestment) है।
एग्जिट स्ट्रैटेजी की दिशा में बड़ा कदम
कंपनी के बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए अपनी शारजाह स्थित सब्सिडियरी, Jain Ikon Global Ventures FZC को दिए गए लोन को इक्विटी में बदलने की मंजूरी दी है। यह पूरी प्रक्रिया 2 महीने के भीतर पूरी की जाएगी। इस कदम के जरिए कंपनी सब्सिडियरी के कैपिटल स्ट्रक्चर को साफ-सुथरा कर रही है, ताकि इसे भविष्य में पूरी तरह से बेचने (Divestment) की प्रक्रिया आसान हो सके।
क्यों किया जा रहा है ऐसा?
मैनेजमेंट का साफ कहना है कि बैलेंस शीट से कर्ज हटाकर हिस्सेदारी बढ़ाने से यह एसेट किसी भी संभावित खरीदार के लिए अधिक आकर्षक बन जाएगा। सोना और चांदी रिफाइनिंग के कारोबार में लगी इस सब्सिडियरी के टर्नओवर में हाल के समय में बड़ा बदलाव देखा गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में इसका टर्नओवर AED 30.25 करोड़ रहा था, जबकि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में यह आंकड़ा AED 36,178 है।
नियमों का पालन
यह सौदा SEBI के LODR रेगुलेशंस के तहत 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' के दायरे में आता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इक्विटी का कन्वर्जन प्राइस स्वतंत्र वैल्यूएशन रिपोर्ट के आधार पर तय किया गया है और इसे 'आर्म्स लेंथ' (Arm's length) बेसिस पर किया जा रहा है। हालांकि, इसे अभी भारत और यूएई, दोनों देशों के रेगुलेटरी अप्रूवल्स का इंतजार है।
