Jain Irrigation Q2 Results: रेवेन्यू में **10.1%** की उछाल, लेकिन मार्जिन पर बढ़ रहा है दबाव

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Jain Irrigation Q2 Results: रेवेन्यू में **10.1%** की उछाल, लेकिन मार्जिन पर बढ़ रहा है दबाव

Jain Irrigation Systems ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **10.1%** बढ़कर **₹1,576.7 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि बढ़ते खर्चों ने मुनाफे के मार्जिन को प्रभावित किया है।

मुनाफे में इजाफा, लेकिन चुनौतियां बरकरार

Jain Irrigation Systems ने Q2 FY27 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.1% बढ़कर ₹1,576.7 करोड़ दर्ज किया गया। नेट प्रॉफिट (PAT) में भी 17.4% की वृद्धि देखी गई और यह ₹18 करोड़ पर रहा। हालांकि, कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन में 75 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जो अब 13.2% पर आ गए हैं।

कर्ज घटाने पर कंपनी का जोर

आंकड़ों के मोर्चे पर एक राहत भरी खबर यह रही कि कंपनी का ऑपरेशनल कैश फ्लो बेहद मजबूत रहा है, जो EBITDA का 180% है। इस नकदी का उपयोग कंपनी ने अपने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के भुगतान के लिए किया है, जो बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मार्जिन पर क्यों पड़ रहा है असर?

कंपनी के मैनेजमेंट ने खराब प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से तीन कारणों का हवाला दिया है:

  • भारत में सूखे जैसे हालातों और खराब मौसम ने माइक्रो-इरिगेशन की मांग को कम किया है।
  • वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण पॉलीमर की कीमतें और फ्रेट कॉस्ट (Freight cost) बढ़ गई हैं।
  • कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी को मुनाफे को बचाने के लिए बार-बार कीमतों में बदलाव करना पड़ा है।

निवेशकों के लिए आगे का रास्ता

आने वाले समय में निवेशकों को घरेलू मांग में रिकवरी पर नजर रखनी होगी। इसके अलावा, PVC रेजिन पर लागू की गई नई कस्टम ड्यूटी और मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस (MIP) जैसी सरकारी नीतियों का असर आने वाली तिमाहियों में कंपनी के मार्जिन और वॉल्यूम ग्रोथ पर साफ दिखेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.