JTL Industries ने FY28 तक अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को दोगुना कर **18,36,000 MTPA** करने का ऐलान किया है। कंपनी हाई-मार्जिन वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (VAPs) पर फोकस करेगी। साथ ही, JTL Defence में हिस्सेदारी खरीदकर डिफेंस और EV सेक्टर में भी कदम रखा है।
JTL Industries का बड़ा प्लान
JTL Industries अपने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना लेकर आई है। कंपनी ने FY26 में 9,36,000 MTPA की मौजूदा कैपेसिटी को FY28 तक लगभग दोगुना करके 18,36,000 MTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस विस्तार का मुख्य केंद्र Mangaon प्लांट होगा, और इसका फोकस हाई-मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (VAPs) जैसे GI कॉइल्स, कलर-कोटेड कॉइल्स और API-ग्रेड पाइप्स पर रहेगा।
डिफेंस सेक्टर में एंट्री
इतना ही नहीं, कंपनी ने ₹46.5 करोड़ में JTL Defence की 95% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी कर लिया है। इसके ज़रिए JTL Industries डिफेंस और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) एप्लीकेशन्स के लिए कॉपर, ब्रास और स्पेशल अलॉय के मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में उतर गई है।
क्यों है ये अहम?
इस स्ट्रेटेजिक कदम से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में इजाफा होने की उम्मीद है, क्योंकि VAPs का बिक्री में हिस्सा बढ़ेगा। JTL Defence के ज़रिए डिफेंस और EV कंपोनेंट्स में डाइवर्सिफिकेशन से कंपनी की पारंपरिक स्टील ट्यूब मार्केट पर निर्भरता कम होगी और रेवेन्यू के नए रास्ते खुलेंगे। एनालिस्ट्स ने इस स्टॉक के लिए ₹127 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मजबूत ग्रोथ की उम्मीद को दर्शाता है।
भविष्य की राह
कंपनी, VAPs और डिफेंस से जुड़े प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कैपेसिटी एक्सपेंशन में भारी निवेश कर रही है। इससे कंपनी का प्रोडक्ट मिक्स हाई-मार्जिन वाली पेशकशों की ओर बढ़ेगा।
किन बातों पर रखें नज़र?
निवेशकों को नई कैपेसिटी के सफल इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, VAPs के बढ़ते योगदान और JTL Defence सब्सिडियरी के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना ज़रूरी होगा।
