JTL Defence Limited के Q2 FY27 नतीजों में रेवेन्यू **₹197 मिलियन** तक पहुँच गया है, जो सालाना आधार पर **450%** की शानदार बढ़त है। हालांकि, एसेट रीवैल्यूएशन के कारण डेप्रिसिएशन चार्ज बढ़ने से कंपनी को **₹26 मिलियन** का नेट लॉस हुआ है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी ने Q2 FY27 में रेवेन्यू के मोर्चे पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है, लेकिन बॉटम-लाइन पर डेप्रिसिएशन का भारी असर दिखा है। एसेट रीवैल्यूएशन से जुड़े ₹28 मिलियन के डेप्रिसिएशन चार्ज की वजह से कंपनी को ₹26 मिलियन का नेट लॉस सहना पड़ा है। अगर इस गैर-नकद (non-cash) खर्च को हटा दें, तो कंपनी का एडजस्टेड PAT ₹1 मिलियन रहता है, जो यह बताता है कि कोर बिजनेस ब्रेक-ईवन के करीब है।
ऑपरेशंस और ग्रोथ की कहानी
कंपनी का वॉल्यूम इस तिमाही में 356 MT रहा है, जो इसके कामकाज के विस्तार को दर्शाता है। मैनेजमेंट अब FY17-19 के स्तरों को फिर से हासिल करने पर जोर दे रहा है। इसके लिए कंपनी OEM एम्पैनलमेंट और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को कंपनी के मार्जिन पर पैनी नजर रखनी चाहिए। पिछले साल के 53.0% के मुकाबले EBITDA मार्जिन गिरकर 11.4% पर आ गया है। इसके अलावा, ₹661 मिलियन का कर्ज और ₹1,923 मिलियन की इक्विटी का अनुपात भी गौर करने वाली बात है। भविष्य की राह कंपनी द्वारा नए OEM कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार पर टिकी है।
