JSW Steel: कंपनी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, Piombino Steel के विलय के बाद अब BPSL पर सीधा मालिकाना हक

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JSW Steel: कंपनी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, Piombino Steel के विलय के बाद अब BPSL पर सीधा मालिकाना हक

JSW Steel ने अपनी सहायक कंपनी Piombino Steel के साथ विलय की प्रक्रिया पूरी कर ली है। **31 अक्टूबर 2026** से प्रभावी हुए इस कदम से कंपनी को Bhushan Power and Steel Limited (BPSL) पर सीधा मालिकाना हक मिल गया है, जिससे ऑपरेशंस को सरल बनाने में मदद मिलेगी।

विलय के बाद क्या बदला?

National Company Law Tribunal (NCLT), मुंबई बेंच की मंजूरी के बाद JSW Steel ने अपनी सहयोगी कंपनी Piombino Steel का अपने साथ विलय फाइनल कर दिया है। यह विलय 31 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, जबकि इसका कामकाज 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।

क्यों है यह जरूरी?

इस कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब JSW Steel की BPSL में हिस्सेदारी सीधे तौर पर होगी। बीच की कंपनी (Intermediary entity) के हटने से फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी और अनुपालन (Compliance) से जुड़ी लागतों में कमी आएगी। कंपनी को उम्मीद है कि इससे एडमिनिस्ट्रेटिव और ऑपरेशनल ओवरहेड्स भी घटेंगे।

शेयर स्वाइप रेशियो (Swap Ratio)

विलय की शर्तों के तहत, Piombino Steel के शेयरधारकों को JSW Steel के शेयर जारी किए गए हैं। इसके तहत हर 156 शेयर (चेहरा मूल्य ₹10) के बदले 10 पूरी तरह से पेड-अप शेयर (चेहरा मूल्य ₹1) दिए गए हैं।

कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव

इस विलय के बाद JSW Steel ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) को अपडेट किया है, जो अब बढ़कर ₹27,980 करोड़ हो गई है। इसमें 19,030 करोड़ इक्विटी शेयर (₹1 वाले) और 895 करोड़ प्रेफरेंस शेयर (₹10 वाले) शामिल हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.