JSW Infrastructure Q2 Report: प्रोजेक्ट्स में देरी से बढ़ी चिंता, IPO फंड के इस्तेमाल पर क्या बोले CARE Ratings?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
JSW Infrastructure Q2 Report: प्रोजेक्ट्स में देरी से बढ़ी चिंता, IPO फंड के इस्तेमाल पर क्या बोले CARE Ratings?

JSW Infrastructure ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट फाइल की है। हालांकि फंड के इस्तेमाल में कोई बड़ा फेरबदल नहीं है, लेकिन CARE Ratings ने IPO और QIP के तहत शुरू किए गए कई प्रोजेक्ट्स के काम में देरी की चेतावनी दी है।

प्रोजेक्ट्स में देरी और चिंताएं

CARE Ratings की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने IPO और QIP के जरिए जुटाए गए फंड का सही जगह इस्तेमाल तो किया है, लेकिन प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन मिस हो रही है। खासकर LPG टर्मिनल, मैंगलोर कंटेनर टर्मिनल का विस्तार और ड्रेजिंग जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स अपनी तय समय सीमा से पीछे चल रहे हैं। कंपनी इसे केवल एक 'एग्जीक्यूशन टाइमलाइन एडजस्टमेंट' बता रही है, लेकिन निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इन प्रोजेक्ट्स के चालू होने से ही कंपनी का रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है।

QIP फंड का बड़ा निवेश

दूसरी तरफ, कंपनी फंड को तेजी से खर्च कर रही है। Q2FY27 के दौरान कंपनी ने QIP फंड से ₹1,055.61 करोड़ का इस्तेमाल किया है। इसमें से ₹671.45 करोड़ रणनीतिक निवेश और अधिग्रहण के लिए, जबकि ₹305.57 करोड़ सहायक कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) पर खर्च हुए हैं।

फंड की स्थिति (सितंबर 2026 तक):

  • अन-यूटिलाइज्ड QIP फंड: ₹5,499.39 करोड़
  • अन-यूटिलाइज्ड IPO फंड: ₹581.67 करोड़

कंपनी ने यह बचा हुआ पैसा फिक्स्ड डिपॉजिट और लिक्विड म्यूचुअल फंड्स में लगाया है, जहां से उन्हें 3.25% से 7.85% तक का रिटर्न मिल रहा है।

आगे के लिए निवेशकों को आने वाली तिमाहियों के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि क्या इन प्रोजेक्ट्स की रफ्तार में तेजी आई है या देरी का असर कंपनी की बैलेंस शीट पर पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.