JSW Cement के लिए दूसरी तिमाही (Q2 FY27) काफी धमाकेदार रही है। कंपनी का रेवेन्यू **33%** बढ़कर **₹1,912 करोड़** हो गया है, जिसकी मुख्य वजह सीमेंट वॉल्यूम में आई **40%** की जोरदार तेजी है।
मुनाफे और वॉल्यूम का गणित
कंपनी ने इस तिमाही में ₹77 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अगर वॉल्यूम की बात करें, तो टोटल सेल्स वॉल्यूम 26% बढ़कर 3.93 मिलियन टन पहुंच गया है, जिसमें सीमेंट का योगदान बेहद मजबूत रहा है। इसके साथ ही, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 4% की बढ़त के साथ ₹278 करोड़ पर आ गया है।
ऑपरेशंस में बड़ा सुधार
JSW Cement के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि नॉर्थ रीजन में कंपनी ने EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल कर लिया है। नागौर यूनिट में नई 1 MTPA ग्राइंडिंग कैपेसिटी और वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम का शुरू होना कंपनी की एफिशिएंसी को और बढ़ाएगा। अच्छी बात यह है कि कंपनी का ग्रीन पावर यूटिलाइजेशन अब 41% तक पहुंच चुका है।
चुनौतियां और रिस्क फैक्टर्स
विकास की रफ्तार के साथ कुछ चिंताएं भी हैं। फ्यूल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्जिन पर दबाव है, जिसकी लागत ₹1.84/MCal तक पहुंच गई है। कंपनी ने इसे कवर करने के लिए सितंबर और अक्टूबर में कीमतें बढ़ाई हैं। इसके अलावा, नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 3.2x है, जो कंपनी के 3.0x के टारगेट से थोड़ा ऊपर है। ट्रेड पेयबल्स का 80 दिन का स्तर भी इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (30-40 दिन) से काफी ज्यादा है।
आगे की राह
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए ₹2,200-2,300 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान रखा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने कर्ज को घटाकर तय टारगेट तक कब ला पाती है और नई कैपेसिटी का पूरा लाभ मार्जिन में कब दिखता है।
