JSW Cement ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का प्रॉफिट **₹77.63 करोड़** रहा है। कंपनी अब कर्नाटक और महाराष्ट्र में **₹1,078 करोड़** के भारी निवेश से अपनी क्षमता बढ़ाएगी।
नतीजों का लेखा-जोखा
सितंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹1,912.15 करोड़ दर्ज किया गया है। अगर पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें, तो कंपनी का मुनाफा ₹75.36 करोड़ से बढ़कर ₹77.63 करोड़ पर पहुंच गया है।
क्षमता विस्तार की तैयारी
JSW Cement ने अपने मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को मजबूत करने के लिए कर्नाटक (विजयनगर) और महाराष्ट्र (डोलवी) में दो नई ग्राइंडिंग यूनिट्स लगाने की योजना बनाई है। यह पूरा प्रोजेक्ट 4 MTPA की अतिरिक्त क्षमता जोड़ेगा, जिसके लिए कंपनी ₹1,078 करोड़ खर्च करेगी। इन यूनिट्स के 2028 तक चालू होने की उम्मीद है।
कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में बदलाव
बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Shiva Cement के विलय को भी मंजूरी दे दी है। इस कदम का मकसद ऑपरेशनल सिनर्जी को बेहतर बनाना और कंपनी के ढांचे को सुव्यवस्थित करना है। इसके साथ ही, कंपनी ने JSW Green Cement के लिए कॉर्पोरेट गारंटी भी प्रदान की है।
पिछले प्रदर्शन पर नजर
वित्तीय वर्ष 2026 की पहली छमाही कंपनी के लिए काफी सकारात्मक रही है। कंपनी ने ₹231.06 करोड़ का मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹1,291.05 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, उस नुकसान की बड़ी वजह CCPS कन्वर्जन अकाउंटिंग का असर था। इस छमाही में रेवेन्यू बढ़कर ₹3,808.56 करोड़ पर पहुंच गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
इतने बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) में रिस्क भी शामिल है। अगर प्रोजेक्ट्स के पूरा होने में देरी होती है या लागत बजट से बाहर जाती है, तो इसका असर लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल हेल्थ पर पड़ सकता है। साथ ही, Shiva Cement के मर्जर के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों पर भी निवेशकों की नजर होनी चाहिए।
